गजब है… पुलिस को आराम से घर में मिल गया हिस्ट्रीशीटर छोटू!

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Newzo - News Editor 70 Views
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पुलिस की मुस्तैदी या आरोपी का सरेंडर, छोटू चौबे की गिरफ्तारी के पीछे गहरा सस्पेंस, जो पुलिस को दिनों से छका रहा था, वह अचानक अपने ही घर में कैसे मिल गया

जबलपुर। घमापुर थाना क्षेत्र में चुंगी नाका पर दो गुटों के बीच दिनदहाड़े हुई खूनी गैंगवार और अंधाधुंध फायरिंग के मामले में फरार चल रहे कुख्यात हिस्ट्रीशीटर छोटू चौबे को पुलिस ने उसके घर से गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी दिनेश गौतम के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई को लेकर अब शहर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हाल ही में हुए इस गैंगवार के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों पर धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया था। वारदात के बाद से ही आरोपी लगातार फरार चल रहा था। इस बीच पुलिस अन्य आरोपियों को पकड़ने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है, लेकिन मुख्य आरोपी का अचानक अपने ही घर में मिल जाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े करता है।

​गिरफ्तारी की कहानी के पीछे छुपा बड़ा राज

​इलाके में लंबे समय से अवैध हथियारों का नेटवर्क चलाने और दहशत का पर्याय बने इस अपराधी की धरपकड़ को लेकर पुलिस भले ही अपनी पीठ थपथपा रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। महकमे के भीतर से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, यह कोई पुलिस की सुनियोजित छापेमारी या घेराबंदी का नतीजा नहीं है, बल्कि आरोपी ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत खुद को पुलिस के हवाले किया है। जो बदमाश कई दिनों से पुलिस को चकमा देकर भाग रहा था, वह अचानक खुद ही अपने घर में आकर बैठ गया और पुलिस को इसकी भनक लग गई, यह बात किसी के गले नहीं उतर रही है।

​जेल के भीतर और बाहर गैंग चलाने की अगली प्लानिंग

​जानकारों का मानना है कि इस कथित गिरफ्तारी के पीछे अपराधी की कोई बड़ी प्रशासनिक या आपराधिक प्लानिंग हो सकती है, जिसका खुलासा आने वाले दिनों में होगा। आरोपी का पुराना रिकॉर्ड बेहद दागदार रहा है और उसने पूर्व में जेल के अंदर भी मारपीट की घटनाओं को अंजाम दिया है। जेल के भीतर से ही अपना नेटवर्क सुरक्षित रखने और विरोधी गुट पर हावी रहने के लिए इस तरह के कदम उठाए जाने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में पुलिस जिसे अपनी बड़ी कामयाबी मानकर सुबह बड़े खुलासे का दावा कर रही है, वह वास्तव में अपराधियों की अपनी सुविधा के अनुसार तैयार की गई स्क्रिप्ट का हिस्सा नजर आता है।

​कानून व्यवस्था और पुलिसिया दावों की खुली पोल

​क्षेत्र के लोग इस घटनाक्रम को बेहद हैरत भरी नजरों से देख रहे हैं क्योंकि मूल वारदात में शामिल अन्य आरोपी अब भी पुलिस की पहुंच से बाहर घूम रहे हैं। जब पुलिस छोटे अपराधियों को ढूंढने में पसीने बहा रही है, तब मुख्य सरगना का इतनी आसानी से मिल जाना जांच का विषय है। फिलहाल पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ का नाटक कर रही है और अवैध हथियारों के बड़े नेटवर्क के सफाए की बात कह रही है। शहर की जनता भली-भांति समझ चुकी है कि पर्दे के पीछे का खेल कुछ और है और इस पूरे ड्रामे से जल्द ही पर्दा उठने की उम्मीद है।

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