मुफ्त की मलाई पड़ गई भारी, बिजली कम्पनी के जेई सस्पेंड

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Newzo - News Editor 4 Views
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जबलपुर। मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने सीधी जिले में पदस्थ कनिष्ठ अभियंता रंजीत कुमार साहू को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कंपनी की सामग्री के दुरुपयोग और गंभीर अनियमितताओं के आरोपों के बाद की गई है। सीधी के कार्यपालन अभियंता कार्यालय में कार्यरत रंजीत कुमार साहू पर हनुमना में स्थित 02 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र में कंपनी के उपकरणों के गलत इस्तेमाल का आरोप है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अभियंता प्रवर्तन रीवा की टीम से विस्तृत जांच कराई गई। जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितताओं में संलिप्तता पाए जाने के बाद प्रबंधन ने 25 जून को निलंबन के आदेश जारी किए। निलंबन अवधि के दौरान रंजीत कुमार साहू का मुख्यालय अधीक्षण अभियंता कार्यालय उमरिया तय किया गया है और उन्हें नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

​सामग्री के दुरुपयोग मामले में सख्त जांच प्रक्रिया

​जांच समिति ने हनुमना स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र का भौतिक सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट प्रबंधन को सौंपी है। रिपोर्ट में बिजली कंपनी के संसाधनों के अनधिकृत उपयोग और उपकरणों के रखरखाव में बरती गई लापरवाही को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है। प्रबंधन ने इस मामले में स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी संपत्ति और उपभोक्ता हित से जुड़ी सामग्री का गलत उपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कंपनी की वर्तमान नीति के तहत भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति का पालन किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में अन्य दोषियों पर भी कार्रवाई की संभावना है। यह निलंबन उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक चेतावनी है जो कंपनी के संसाधनों का उपयोग अपने निजी लाभ के लिए करने का प्रयास करते हैं।

​निलंबन के बाद अब उमरिया मुख्यालय पर तैनाती

​निलंबन के दौरान कनिष्ठ अभियंता को मुख्यालय छोड़ने के लिए सक्षम अधिकारी की अनुमति लेनी अनिवार्य होगी। कंपनी की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इस मामले की तह तक जाकर पूरी सच्चाई सामने लाई जाए। विद्युत वितरण कंपनी लगातार अपनी कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए प्रयासरत है। आने वाले दिनों में ऐसी और भी प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है ताकि सरकारी खजाने और उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। विभाग के उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सौर ऊर्जा संयंत्रों जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में किसी भी प्रकार की कोताही गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। फिलहाल, रंजीत कुमार साहू को उमरिया में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी और निलंबन काल के दौरान विभागीय जांच की प्रक्रियाओं में पूरा सहयोग करना होगा।

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