
जबलपुर। जिले के सिहोरा अंतर्गत मझौली थाना क्षेत्र में नल जल योजना के कर्मचारी रमेश रजक उम्र 30 वर्ष निवासी अमगावां ने प्रताड़ना से तंग आकर जहर खाकर जान दे दी। रमेश उपभोक्ताओं से वसूली गई पानी की राशि पंचायत सचिव के पास जमा करता था। इसी बात से नाराज सरपंच मनोज भूमिया, ओमप्रकाश तिवारी और मुकेश तिवारी उस पर पूरी रकम सीधे अपने पास देने का भारी दबाव बना रहे थे। लगातार मिल रही मानसिक प्रताड़ना के चलते कर्मचारी ने यह आत्मघाती कदम उठाया। मझौली पुलिस ने शुक्रवार 14 अगस्त को तीनों आरोपियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया। पुलिस ने सरपंच मनोज भूमिया और मुकेश तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि फरार ओमप्रकाश तिवारी की तलाश जारी है।
वसूली की रकम अपने पास लेने का दबाव
अमगावां गांव में नल जल योजना के संचालन और ग्रामीणों से नियमित जल कर संग्रह की जिम्मेदारी 30 वर्षीय रमेश रजक संभाल रहा था। रमेश पूरी ईमानदारी से हर माह उपभोक्ताओं से वसूली जाने वाली राशि का पूरा हिसाब किताब ग्राम पंचायत सचिव के पास सरकारी खाते में जमा कराता था। यह कानूनी और नियमसंगत व्यवस्था स्थानीय सरपंच मनोज भूमिया को बिल्कुल रास नहीं आ रही थी। सरपंच मनोज भूमिया अपने 2 अन्य सहयोगियों ओमप्रकाश तिवारी और मुकेश तिवारी के साथ मिलकर रमेश पर यह नाजायज दबाव डाल रहा था कि वह वसूली गई कुल धनराशि पंचायत सचिव को न देकर सीधे उनके सुपुर्द करे। जब रमेश ने नियम विरुद्ध तरीके से राशि देने से मना किया, तो तीनों लोगों ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। रोजाना मिलने वाली धमकियों और विवाद के कारण रमेश अत्यधिक मानसिक तनाव में आ गया था। इसी असहनीय दबाव के कारण उसने आत्मघाती कदम उठाते हुए विषैला पदार्थ खा लिया, जिससे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने दो आरोपियों को किया तुरंत गिरफ्तार
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया और परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। मझौली पुलिस ने मामले की गहन तफ्तीश शुरू की और मृतक के परिजनों तथा गवाहों के बयानों की पड़ताल की। जांच के दौरान यह स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुआ कि सरपंच मनोज भूमिया, ओमप्रकाश तिवारी और मुकेश तिवारी की प्रताड़ना से आजिज आकर ही रमेश रजक ने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाया। पुलिस ने शुक्रवार 14 अगस्त को 3 नामजद आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में आत्महत्या के लिए उकसाने का गंभीर अपराध दर्ज किया। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी सरपंच मनोज भूमिया और उसके सहयोगी मुकेश तिवारी को हिरासत में ले लिया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, वहीं तीसरे फरार आरोपी ओमप्रकाश तिवारी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
