
जबलपुर। मदनमहल स्थित डेंटल स्क्वायर क्लीनिक में आज शाम उस समय भारी हंगामा मच गया जब हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने वहां पहुंचकर एक डेंटिस्ट की पोल खोल दी। पश्चिम बंगाल का रहने वाला सैयद इशाक असरार यहां राजकुमार नाम बदलकर डेंटिस्ट के तौर पर काम कर रहा था। क्लीनिक संचालक डॉ. साकेत अग्रवाल ने उसे नौकरी पर रखा था। आरोप है कि यह युवक पहचान छिपाकर हिंदू युवतियों को प्रेम जाल में फंसाता था। दो पीड़ित युवतियों के सामने आने के बाद मामला पूरी तरह खुल गया। एक पीड़िता जो स्वयं डेंटिस्ट है उसने बताया कि आरोपी ने पहले हैदराबाद और फिर कोलकाता में नाम बदलकर युवतियों को शिकार बनाया। इसके बाद वह जबलपुर आया और एक मंदिर में शादी का दावा किया। मदनमहल थाने में पुलिस ने जांच का आश्वासन देकर स्थिति को नियंत्रित किया।
पहचान छिपाकर मरीजों का इलाज कर रहा था फर्जी डेंटिस्ट
क्लीनिक में काम करने वाले कथित डेंटिस्ट सैयद इशाक असरार की करतूत सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। हिंदू संगठनों का आरोप है कि यह युवक लंबे समय से अपनी पहचान बदलकर काम कर रहा था। मुख्य शिकायतकर्ता युवती ने बताया कि आरोपी ने अपनी असलियत छिपाने के लिए आधार कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ की है। इसके अधिकांश दस्तावेज फर्जी होने की आशंका जताई गई है। आरोपी युवक ने डेंटिस्ट के भेष में अब तक 3 हिंदू युवतियों को अपने प्रेम जाल में फंसाया है। जबलपुर आने के बाद उसने खुद को राजकुमार बताते हुए एक गायत्री मंदिर में शादी करने का झूठ भी बोला था। लेकिन जब पीड़िता ने उससे वैध दस्तावेज मांगे तो वह कोई प्रमाण नहीं दे सका। मामले की गंभीरता को देखते हुए हिंदू संगठनों ने तत्काल क्लीनिक पहुंचकर विरोध दर्ज कराया।
पुलिस थाने पहुंची भीड़, हंगामा
क्लीनिक में हंगामा बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मदनमहल थाने पहुंचे। थाने में मौजूद भारी भीड़ और नारेबाजी के कारण स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान क्लीनिक संचालक डॉ. साकेत अग्रवाल और पीड़िता भी थाने में उपस्थित रहे। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराया। पुलिस ने इस मामले की विस्तृत जांच करने और आरोपी द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों की सत्यता की पुष्टि करने का आश्वासन दिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ प्राप्त सभी शिकायतों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं तो आरोपी के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। फिलहाल इस घटना के बाद पूरे शहर में इस तरह की गतिविधियों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
