युवा शक्ति का योग अनुष्ठान: महाकौशल कॉलेज में गूंजा निरोगी जीवन का मंत्र


जबलपुर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जबलपुर स्थित प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाकौशल महाविद्यालय में एक भव्य एवं गरिमामय योग कार्यक्रम संपन्न हुआ। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला प्रशासन और महाविद्यालय प्रशासन के संयुक्त समन्वय से आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित आगमन के मद्देनजर व्यापक तैयारियां की गई थीं, जिसमें जबलपुर जिले के 270 चयनित विद्यार्थियों ने सामूहिक योगाभ्यास और प्राणायाम किया। कार्यक्रम के दौरान पश्चिम बंगाल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय संबोधन का सीधा प्रसारण किया गया, वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रेरणादायी संदेशों को भी सजीव रूप से प्रसारित किया गया। इस जिला स्तरीय विशिष्ट आयोजन की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अलकेश चतुर्वेदी ने की, जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. आनंद सिंह राणा और संयोजन डॉ. ज्योति जुनगरे द्वारा किया गया। इस ऐतिहासिक महत्व के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में एसडीएम अभिषेक सिंह सहित बड़ी संख्या में महाविद्यालय के प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी और छात्र उपस्थित रहे, जिन्होंने विश्व के 180 से अधिक देशों में मनाए जा रहे इस वैश्विक पर्व के संदेश को आत्मसात किया।
वैश्विक स्वास्थ्य का माध्यम बना भारतीय योग विज्ञान
संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा मान्यता प्राप्त इस अंतरराष्ट्रीय दिवस पर विद्यार्थियों ने अनुशासन और एकाग्रता के साथ विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया। प्रधानमंत्री ने अपने लाइव संबोधन में योग को वैश्विक कल्याण और शांति का आधार बताया, जिसे सभी उपस्थित जनों ने सुना। मध्य प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व और देश की राष्ट्रपति के संदेशों में योग को भारतीय ज्ञान परंपरा की सबसे अमूल्य और समृद्ध धरोहर के रूप में रेखांकित किया गया।
संतुलित समाज निर्माण के लिए नियमित योगाभ्यास जरूरी
प्राचार्य प्रो. अलकेश चतुर्वेदी ने अध्यक्षीय उद्बोधन में स्पष्ट किया कि योग केवल शारीरिक कसरत नहीं है बल्कि यह मनुष्य के मानसिक और आत्मिक विकास का संपूर्ण विज्ञान है। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. ज्योति जुनगरे ने उपस्थित युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहने के लिए प्रतिदिन जीवन में योग को अपनाने का संकल्प दिलाया।
महाकौशल अंचल से गूंजा वसुधैव कुटुंबकम का संदेश
प्रशासनिक सहयोग से संपन्न हुए इस आयोजन ने संपूर्ण वैश्विक मंच पर भारत के सांस्कृतिक नेतृत्व और उसकी वैचारिक क्षमता को बेहद मजबूती से प्रदर्शित किया। जबलपुर का यह प्रतिष्ठित महाविद्यालय परिसर एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य और एक भविष्य के मूल भारतीय सिद्धांत को पूरी सार्थकता के साथ जीवंत करने का साक्षी बना।
