
जबलपुर। मध्य प्रदेश शासन के पूर्व राज्य मंत्री और पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेता हरेंद्रजीत सिंह बब्बू को मोबाइल फोन पर जान से मारने की गंभीर धमकी मिली है। मदनमहल चौक गुप्तेश्वर निवासी 65 वर्षीय बब्बू के साथ यह वारदात 8 जून को शाम करीब 7 बजकर 9 मिनट पर हुई। जब वे अपनी कार से कटंगा तिराहा होकर गोरखपुर बाजार की तरफ जा रहे थे, तभी उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर 97705-42246 से कॉल आया और फोन करने वाले ने उन्हें सीधे गोली मारने की बात कही। पीड़ित पूर्व मंत्री की लिखित शिकायत पर गोरखपुर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3) और 351(4) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है, लेकिन कार्रवाई की धीमी रफ्तार से सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर जनता के तीखे सवाल
इस पूरे मामले में गोरखपुर थाना पुलिस का रवैया बेहद चौंकाने वाला रहा है। लिखित शिकायत दर्ज कराते समय जब पूर्व मंत्री खुद थाने में मौजूद थे, तब उनके सामने ही थाना प्रभारी नीरज कमल ने उस संदिग्ध मोबाइल नंबर पर बात की। फोन पर दूसरी तरफ से बात कर रहे अज्ञात आरोपी ने बिना किसी डर के साफ शब्दों में स्वीकार किया कि उसने ही हरेंद्रजीत सिंह बब्बू को जान से मारने की धमकी दी है। इस खुले कबूलनामे के बावजूद पुलिस ने आरोपी को तुरंत हिरासत में लेने के बजाय मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। थाना प्रभारी नीरज कमल का यह कहना कि कानूनी कार्रवाई में समय लगता है, पुलिस की कार्यशैली को संदेहास्पद बनाता है। अनौपचारिक चर्चाओं में पुलिस अधिकारियों द्वारा आरोपी को मानसिक रूप से विक्षिप्त या पागल बताना बिना किसी चिकित्सीय जांच या वैज्ञानिक आधार के केवल एक टालमटोल भरा तर्क नजर आता है।
डेढ़ महीने के भीतर दूसरी बार मिली चुनौती
वरिष्ठ राजनेता को सुरक्षा के लिहाज से इतनी बड़ी धमकी मिलना कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी करीब 1.5 महीने पूर्व उन्हें इसी तरह मोबाइल पर जान से मारने की धमकी दी गई थी, जिसकी प्राथमिकी थाने में दर्ज है। इतने कम समय में दोबारा इसी प्रकार की घटना का होना स्थानीय पुलिस की खुफिया विंग और सुरक्षा तंत्र की विफलता को उजागर करता है। पूर्व मंत्री अतीत में भी एक हिंसक हमले में गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं, जिसके कारण उनकी सुरक्षा का मुद्दा बेहद संवेदनशील है। पीड़ित पक्ष द्वारा बार-बार मोबाइल नंबर और पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के बाद भी पुलिस का मुख्य आरोपी तक न पहुंच पाना बड़ी प्रशासनिक नाकामी है। लगातार 25 साल तक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले एक सीनियर लीडर को पर्याप्त सुरक्षा न मिलना व्यवस्था की उदासीनता को दिखाता है।
राजनीतिक गलियारों में छाई गहरी खामोशी
इस बेहद गंभीर और संवेदनशील घटनाक्रम का एक दूसरा पहलू राजनीतिक हलकों में गहरी चर्चा का विषय बना हुआ है। हरेंद्रजीत सिंह बब्बू सत्ताधारी दल भाजपा के बेहद सीनियर और कद्दावर नेता माने जाते हैं। इसके बावजूद उनके साथ हुई इस वारदात के बाद भाजपा संगठन, जिले के किसी भी वर्तमान विधायक या मंत्री की तरफ से उनके समर्थन में कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। अपनी ही पार्टी की सरकार के रहते किसी भी जिम्मेदार पदाधिकारी का पीड़ित नेता के साथ खड़े न होना कई तरह के अंदरूनी राजनीतिक सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा मामले में लगातार हीलाहवाली किए जाने के बाद अब परेशान पूर्व मंत्री ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सीधे मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है ताकि उन्हें उचित सुरक्षा मिल सके।
