बड़े साहब लोग मंच से नदारद, विधायक बोले- मंत्री बनते ही छोटे कर्मचारी को बनाऊंगा डॉक्टर साब!

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Newzo - News Editor
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डिंडौरी। डिंडौरी जिले की शहपुरा विधानसभा के अंतर्गत आयोजित जनकल्याण शिविर में अधिकारियों के न पहुंचने पर क्षेत्रीय भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। विकासखंड स्तरीय इस महत्वपूर्ण शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए कई विभागों के बड़े अफसरों को बुलाया गया था, लेकिन उनकी अनुपस्थिति देखकर विधायक का पारा चढ़ गया। इसी दौरान शिविर में मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी कर रहे स्वास्थ्य विभाग के एक छोटे कर्मचारी राजेंद्र कुमार के समर्पण और कार्यशैली से विधायक बेहद प्रभावित हुए। विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने सार्वजनिक मंच से उस कर्मचारी की पीठ थपथपाते हुए उसकी जमकर प्रशंसा की। उन्होंने खुले मंच से कहा कि यदि भविष्य में वह प्रदेश सरकार में मंत्री बनते हैं, तो इस कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी को डॉक्टर के स्थान पर नियुक्त करेंगे।

अधिकारियों के रवैये पर जताया कड़ा विरोध

शिविर में आम जनता की शिकायतों को सुनने और शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मौके पर ही प्रदान करने के लिए विभिन्न शासकीय विभागों के जिला और जनपद स्तरीय अधिकारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग और जनपद पंचायत के प्रमुख अधिकारी शिविर स्थल पर नहीं पहुंचे। अनुपस्थित अधिकारियों के इस गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार पर विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं के प्रति इस तरह की लापरवाही को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और वे इसकी शिकायत मुख्यमंत्री तथा वरिष्ठ अधिकारियों से करेंगे ताकि गैरहाजिर रहे स्टाफ पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जा सके।

मंच से छोटे कर्मचारी के काम को सराहा

एक तरफ जहां बड़े अधिकारी शिविर से नदारद रहे, वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग का एक मैदानी कर्मचारी पूरी निष्ठा के साथ ग्रामीणों की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को सुन रहा था और उन्हें दवाइयां तथा परामर्श उपलब्ध कराने में जुटा हुआ था। कर्मचारी की इसी सेवा भावना को देखकर विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने उसे मंच पर बुलाकर शाबाशी दी। विधायक ने कहा कि बड़े डॉक्टरों और अधिकारियों से बेहतर काम यह छोटा कर्मचारी कर रहा है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी जनता के बीच मौजूद है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय के सामने कर्मचारी के काम को आदर्श बताते हुए अन्य शासकीय सेवकों को भी इससे सीख लेने की बात कही।

ग्रामीणों ने रखीं मूलभूत समस्याएं

इस जनकल्याण शिविर में शहपुरा क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण अपनी विभिन्न समस्याओं के निराकरण की आस लेकर पहुंचे थे। ग्रामीणों ने मुख्य रूप से पेयजल संकट, राशन कार्ड में नाम जुड़वाने, वृद्धावस्था पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना की अटकी हुई किस्तें और कृषि संबंधी शिकायतों के आवेदन प्रस्तुत किए। अधिकारियों के न होने से कई मामलों का मौके पर निपटारा नहीं हो सका, जिससे ग्रामीणों में भी असंतोष देखा गया। विधायक ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनके सभी आवेदनों को संकलित कर संबंधित विभागों को भेजा जा रहा है और वे स्वयं इन फाइलों की प्रगति की निगरानी करेंगे ताकि किसी भी गरीब का काम न रुके।

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