महाकौशल कॉलेज में गूंजी बाल अधिकारों की आवाज, छात्रों ने लिया संकल्प

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Newzo - News Editor
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जबलपुर। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय महाकौशल कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में 12 जून को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी और समाज को बाल श्रम उन्मूलन तथा बाल अधिकारों के संरक्षण के प्रति सजग करना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अलकेश चतुर्वेदी ने की। इस दौरान कार्यक्रम के संयोजक प्रो. अरुण शुक्ल, सहायक प्राध्यापक उमा भारती और सहायक प्राध्यापक साक्षी मरावी ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा की अनिवार्यता और सामाजिक जिम्मेदारी को रेखांकित किया। अंत में पूरे महाविद्यालय परिवार ने बाल अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक संकल्प लिया।

​संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और जनसहभागिता जरूरी

​महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अलकेश चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में कहा कि बाल श्रम सभ्य समाज के माथे पर एक कलंक है। बच्चों का सही स्थान फैक्ट्रियों या दुकानों में नहीं बल्कि स्कूलों में होना चाहिए। जब तक हर बच्चे को सुरक्षा और विकास के समान अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक राष्ट्र की प्रगति अधूरी है। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. अरुण शुक्ल ने छात्र-छात्राओं को बाल श्रम निषेध से जुड़े संवैधानिक नियमों और सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे समाज के हर वर्ग में जागरूकता फैलाने के लिए आगे आएं। उनके अनुसार, आम जनता की सक्रिय भागीदारी के बिना बाल श्रम से मुक्ति पाना असंभव है।

​शिक्षा का महत्व और छात्र-छात्राओं का वैचारिक मंथन

​कार्यक्रम में मौजूद सहायक प्राध्यापक उमा भारती और सहायक प्राध्यापक साक्षी मरावी ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने बाल अधिकारों की रक्षा को एक गंभीर सामाजिक उत्तरदायित्व बताया और कहा कि शिक्षा ही बच्चों को एक गरिमापूर्ण जीवन दे सकती है। इस अवसर पर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बाल श्रम के घातक सामाजिक और मानसिक दुष्परिणामों पर गंभीर चर्चा की। विद्यार्थियों ने इस कुप्रथा को जड़ से खत्म करने के व्यावहारिक उपायों पर अपने सुझाव रखे। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी प्राध्यापकों और छात्रों ने समाज को बाल श्रम से मुक्त कराने के लिए निरंतर सजग रहने का सामूहिक संकल्प लिया।

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