।सिहोरा में 90 बोरी खाद की कालाबाजारी पकड़ी, लिपिकअप वाहन से 70 बोरी यूरिया और 20 बोरी डीएपी जब्त

जबलपुर। सिहोरा थाना क्षेत्र में खाद की अवैध कालाबाजारी और परिवहन का बड़ा मामला सामने आया है। 11-8-26 की रात वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी 62 वर्षीय जयपाल सिंह राठौड़ ने थाने में लिखित जांच रिपोर्ट दी। 10-8-26 को मिली सूचना पर वाहन क्रमांक एमपी 20 जीए 5016 को पकड़ा गया था। इस पिकअप वाहन में 70 बोरी यूरिया और 20 बोरी डीएपी बिना कागजात अवैध रूप से ले जाई जा रही थी। मामले में शासकीय तंत्र से जुड़े सहकारी विपणन समिति सिहोरा के लिपिक सिद्धांत तिवारी पिता जगनारायण तिवारी और पटेल कृषि केंद्र खलरी महगवां के संचालक नितेश पटेल पिता लक्ष्मण पटेल को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 और 7 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अवैध खाद से भरा पिकअप वाहन जब्त
कृषि विभाग को 10-8-26 को गुप्त सूचना मिली थी कि क्षेत्र में खाद का अवैध परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही सिहोरा पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने नाकाबंदी कर वाहन क्रमांक एमपी 20 जीए 5016 को रोका। जांच करने पर गाड़ी के अंदर 70 बोरी यूरिया और 20 बोरी डीएपी खाद भरी मिली। गाड़ी चालक से खाद के परिवहन और खरीद से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे गए लेकिन वह कोई भी बिल या अनुमति पत्र पेश नहीं कर सका। इसके बाद पूरी खेप को मौके पर ही जब्त कर थाने लाया गया।
समिति लिपिक और दुकानदार बने आरोपी
शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि खाद की इस अवैध खेप का सीधा संबंध सरकारी समिति और निजी दुकान से है। जांच अधिकारी जयपाल सिंह राठौड़ की रिपोर्ट के अनुसार सरकारी समिति में पदस्थ क्लर्क सिद्धांत तिवारी ने नियमों को ताक पर रखकर खाद बाहर निकाली थी। वहीं खलरी स्थित पटेल कृषि केंद्र के मालिक नितेश पटेल के साथ मिलकर इसे बाजार में ऊंचे दामों पर बेचने या कालाबाजारी करने की योजना बनाई गई थी। दोनों ने मिलकर आवश्यक वस्तु अधिनियम का खुला उल्लंघन किया।
दोनों आरोपियों पर कानूनी शिकंजा कसा
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिहोरा पुलिस ने 11-8-26 की रात दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम ई.सी. एक्ट की धारा 3 और 7 के तहत प्रकरण पंजीकृत किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इससे पहले भी इस तरह कितनी बोरियां अवैध रूप से बेची जा चुकी हैं। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
