मरीजों की सेहत से ‘केमिकल लोचा’ करने वाले 7 मेडिकल स्टोर्स पर प्रशासन की सर्जिकल स्ट्राइक

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Newzo - News Editor 37 Views
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कलेक्टर के आदेश पर हुई जांच में खुली पोल, स्टॉक रजिस्टर से गायब मिला एबॉर्शन किट का सच

जबलपुर। दवा दुकानों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। नियमों की अनदेखी और भारी गड़बड़ियां मिलने पर 6 मेडिकल स्टोर्स को कारण बताओ नोटिस थमाया गया है, जबकि 1 दुकान का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। कलेक्टर के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने यह औचक निरीक्षण किया। औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी देवेंद्र कुमार जैन के आदेश पर आर. पी. मेडिकोज भेड़ाघाट, न्यू गंगा मेडिकोज राइट टाउन, संजीवनी मेडिकल्स भेड़ाघाट, आयुष ड्रग स्टोर बिजौरी, मोही डिस्ट्रीब्यूटर्स घमापुर और विक्रांत इंटरप्राइजेज दवा बाज़ार सिविक सेन्टर को नोटिस जारी किया गया, वहीं संतोषजनक जवाब न मिलने पर न्यू गुरुकृपा मेडिकल गंगा नगर का लाइसेंस रद्द किया गया।

​औचक निरीक्षण में खुली कमियों की पोल

​औषधि निरीक्षकों द्वारा की गई इस जांच में दवा दुकानों के अंदर भारी खामियां और अव्यवस्थाएं सामने आईं। अधिकांश दुकानों पर अनिवार्य रूप से मौजूद रहने वाले रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट गायब मिले। इसके साथ ही, लाइफ सेविंग और अन्य जरूरी दवाओं के रख-रखाव और उनके सुरक्षित भंडारण की स्थिति बेहद खराब पाई गई। दुकानों में दवाओं के क्रय-विक्रय का कोई उचित और वैध रिकॉर्ड नहीं रखा जा रहा था। सबसे गंभीर कमी यह मिली कि मेडिकल स्टोर्स पर नारकोटिक्स (नशीली) दवाओं और एबॉर्शन किट का स्टॉक उनके रजिस्टर के रिकॉर्ड से बिल्कुल अलग पाया गया। इसके अलावा, निरीक्षण पुस्तिका फॉर्म 35 का संधारण नहीं किया गया था और एक्सपायरी हो चुकी दवाओं को भी बिक्री के लिए मुख्य स्टॉक के साथ जमा कर रखा गया था, जो ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 और नियमावली 1945 के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है।

​गंभीर लापरवाही पर प्रशासन का कड़ा रुख

​इन सभी गंभीर कमियों और अनियमितताओं को आधार बनाकर प्रशासन ने नोटिस पाने वाली सभी 6 दुकानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर दिया है। यदि तय समय में इन दुकान संचालकों का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो इनके दवा बिक्री लाइसेंस भी निलंबित या निरस्त कर दिए जाएंगे। वहीं, न्यू गुरुकृपा मेडिकल को पूर्व में दिए गए नोटिस का सही जवाब न देने के कारण प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए नियम 66(1) के तहत उसकी रिटेल दवा बिक्री की अनुज्ञप्ति को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है। इसके साथ ही प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे दवा खरीदते समय हमेशा पक्का बिल जरूर लें और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार की सूचना तुरंत विभाग को दें।

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