
जबलपुर। बेलखेड़ा थाना क्षेत्र के पिपरिया कला गांव में उधारी के विवाद को लेकर 40 वर्षीय किराना दुकानदार इंदल घोसी पर हेमराज लोधी, चंदू लोधी, करण लोधी और रामफल लोधी ने जानलेवा हमला कर दिया। घायल इंदल को उनका भाई उमेश और भाभी विक्को बाई तुरंत बेलखेड़ा थाने लेकर पहुंचे, लेकिन वहां ड्यूटी पर तैनात सब इंस्पेक्टर बलवीर सिंह ने संवेदनहीनता दिखाते हुए घायल और उसके परिजनों को करीब 30 मिनट तक हवालात में बंद रखा। समय पर इलाज न मिलने के कारण आखिरकार बुधवार को अस्पताल में इंदल की मौत हो गई, जिसके बाद पाटन एसडीओपी लोकेश डाबर की जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषी सब इंस्पेक्टर बलवीर सिंह को निलंबित कर दिया गया और पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ हत्या की धारा बढ़ा दी है।
उधारी के विवाद में जानलेवा हमला
पिपरिया कला गांव में इंदल घोसी अपनी किराना दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। सोमवार को गांव के ही चार दबंगों ने दुकान पर आकर उधारी के पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने इंदल पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में इंदल को गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान हो गए। शोर सुनकर इंदल के भाई उमेश और भाभी विक्को बाई मौके पर पहुंचे और किसी तरह बीच-बचाव कर इंदल को हमलावरों से बचाया।
हवालात में कटी आधे घंटे की सांसें
गंभीर रूप से घायल इंदल को लेकर उनके परिजन सीधे बेलखेड़ा थाने पहुंचे ताकि न्याय मिल सके और घायल को अस्पताल ले जाने के लिए पुलिस मदद करे। थाने में उस वक्त सब इंस्पेक्टर बलवीर सिंह ड्यूटी पर तैनात थे। उन्होंने घायल की हालत देखने के बाद भी मानवता नहीं दिखाई। आरोपियों को पकड़ने या घायल को तुरंत अस्पताल भिजवाने के बजाय सब इंस्पेक्टर ने पीड़ित इंदल और उनके परिजनों को ही हवालात के अंदर बंद कर दिया। हवालात के भीतर इंदल की हालत लगातार बिगड़ती रही और करीब आधे घंटे बाद जब वह बेहोश होने लगे, तब पुलिस ने उन्हें अस्पताल भेजा।
सड़क पर फूटा गुस्सा और कार्रवाई
इलाज के दौरान बुधवार को इंदल ने दम तोड़ दिया, जिससे गुस्साए परिजनों ने शव के साथ थाने के सामने सड़क जाम कर उग्र प्रदर्शन किया। परिजनों ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने और लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए। मामले को बढ़ता देख पाटन के एसडीओपी लोकेश डाबर ने तत्काल जांच शुरू की। थाने के स्टाफ के बयान दर्ज किए गए और जब सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए, तो सब इंस्पेक्टर बलवीर सिंह की करतूत साफ उजागर हो गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों ने सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया और केस में हत्या की नई धारा जोड़ दी।
