
जबलपुर। प्रांतीय शासकीय महाविद्यालय प्राध्यापक संघ जबलपुर संभाग और जिला इकाई ने उत्तर मध्य विधानसभा के विधायक डाॅ. अभिलाष पांडे को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस बैठक में प्रदेश भर के शासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत सहायक प्राध्यापकों, सह-प्राध्यापकों, प्राध्यापकों, क्रीड़ा अधिकारियों और ग्रंथपालों की वर्षों से लंबित समस्याओं को प्रमुखता से रखा गया। संभागीय अध्यक्ष प्रो. अरुण शुक्ल ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण शिक्षकों को सेवा और वेतन संबंधी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन के माध्यम से परिवीक्षा अवधि समाप्त करने, क्रीड़ा अधिकारियों एवं ग्रंथपालों को यूजीसी के अनुसार पदनाम देने और उनकी सेवानिवृत्ति आयु को 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने की मांग की गई है। साथ ही डिप्लायमेन्ट नीति को समाप्त करने और नवनियुक्त शिक्षकों को पिछले 8 माह से लंबित वेतन तत्काल जारी करने का आग्रह किया गया है।
शिक्षकों की लंबित समस्याओं पर विधायक का आश्वासन
शिक्षकों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि प्रशासनिक लापरवाही के चलते मैपिंग न होने से नवनियुक्त प्राध्यापकों को 8 महीने से वेतन नहीं मिल सका है। इसके अलावा सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन, वेतन निर्धारण, अर्जित अवकाश और समूह बीमा जैसे भुगतान प्राप्त करने में भी लंबी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि शासन स्तर पर इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए ताकि शिक्षकों का मनोबल बना रहे। विधायक डाॅ. अभिलाष पांडे ने संघ के प्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि वे इन सभी मांगों को उच्च शिक्षा विभाग और शासन के समक्ष पूरी मजबूती से रखेंगे। उन्होंने जल्द ही संबंधित मंत्री से मुलाकात कर समस्याओं के त्वरित समाधान का वादा किया।
संघ के पदाधिकारियों की उपस्थिति में सौंपा ज्ञापन
इस अवसर पर डाॅ. रविश तमन्ना ताजिर, डाॅ. जागेश्वर प्रजापति, डाॅ. बलीराम अहिरवार, डाॅ. शिवनारायण परते, डाॅ. पुनीत मरवाह, डाॅ. बी.एल.मार्को, डाॅ. कृष्ण कुमार पांडे, डाॅ. इन्द्रसिंह बरकडे़, डाॅ. मो. मुस्तकीम रजा, डाॅ. अजय कुमार बघेल, डाॅ. देवेश, डाॅ. पुरुषोत्तम प्रजापति, डाॅ. पंकज साहू और डाॅ. पंकज कोष्टी सहित अनेक प्राध्यापक मौजूद रहे। सभी शिक्षकों ने एक स्वर में अपनी मांगों के शीघ्र निराकरण की उम्मीद जताई है।
