जबलपुर क्राइम बुलेटिन: इंस्टाग्राम के जरिये महिला से ठगी,फांसी पर लटका मिला शव

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इंस्टाग्राम पर साड़ी खरीदने के चक्कर में महिला ने गंवाए 97400 रुपये

सस्ते विज्ञापन का झांसा देकर शातिर ठगों ने 11 बार में कराया यूपीआई से ट्रांजेक्शन, सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज

जबलपुर। सोशल मीडिया पर सस्ते दामों का लालच देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह ने शहर की एक महिला को अपना शिकार बना लिया। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत समीक्षा टाउन निवासी 32 वर्षीय दीप्ति सिसौदिया ने थाने पहुंचकर अपने साथ हुई 97 हजार 400 रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़िता के पति रेलवे विभाग में टीसी के पद पर पदस्थ हैं। पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार घटना की शुरुआत 26-6-26 को हुई थी, जब महिला अपने मोबाइल पर इंस्टाग्राम चला रही थी। मोबाइल स्क्रीन स्क्रोल करते समय उन्हें साड़ियों की आकर्षक सेल का एक विज्ञापन दिखाई दिया।

​उस विज्ञापन में मात्र 700 रुपये में 2 साड़ियां देने का ऑफर दिया गया था। पीड़िता ने विज्ञापन में दिए गए लिंक फेसबुक इंडिया ऑनलाइन प्राइवेट लिमिटेड पर क्लिक करके 2 साड़ियों का ऑर्डर बुक कर दिया। इसके लिए उन्होंने 700 रुपये का भुगतान अपने फोनपे ऐप के जरिए तुरंत ऑनलाइन कर दिया। अगले दिन 27-6-26 को उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक अनजान नंबर से वॉइस कॉल आया। कॉलर ने कहा कि आपने 700 रुपये की साड़ियां ऑर्डर की हैं, जिन्हें प्राप्त करने के लिए 800 रुपये का डिलीवरी चार्ज अलग से देना होगा। इस पर महिला ने आपत्ति जताई और कहा कि ऑर्डर करते समय डिलीवरी चार्ज बिल्कुल फ्री बताया गया था। उन्होंने तुरंत ऑर्डर कैंसिल करके अपने 700 रुपये वापस लौटाने की मांग की।

​सामने वाले व्यक्ति ने कहा कि यदि 700 रुपये का रिफंड चाहिए तो प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक बार 700 रुपये और भेजने होंगे, जिसके बाद पूरी राशि वापस खाते में आ जाएगी। महिला ने विश्वास करके दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन किया और 700 रुपये भेज दिए। इसके बाद शातिर ठग ने सर्वर में तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर 2000 रुपये और मांगे, जो पीड़िता ने दोबारा ट्रांसफर कर दिए।

​इस तरह 26-6-26 से लेकर 4-7-26 के बीच साइबर ठगों ने रिफंड का झांसा देकर अलग-अलग क्यूआर कोड पर कुल 11 बार में 97 हजार 400 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। जब पीड़िता को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने पुलिस से मदद की गुहार लगाई। सिविल लाइन पुलिस ने अज्ञात ठग के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मोबाइल नंबर और बैंक खातों की साइबर सेल के माध्यम से पड़ताल शुरू कर दी है।

रांझी में शराब के लिए 500 रुपये न देने पर युवक पर चाकू से जानलेवा हमला

पुरानी पहचान का हवाला देकर चाय पीने बुलाया और फिर कर दिया हमला, दो आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज

जबलपुर। रांझी थाना क्षेत्र में शराब पीने के लिए पैसे न देने पर दो युवकों ने अपने ही पुराने परिचित पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। घायल युवक की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक मामला पंजीबद्ध कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

​घटना के संबंध में वीएफजे गेट नंबर 02 अखाड़ा मोहल्ला रिछाई रांझी निवासी 20 वर्षीय अजय कोल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़ित अजय पेशे से इंटीरियर डेकोरेशन का काम करता है। उसने पुलिस को बताया कि 16-08-26 की रात लगभग 09:30 बजे वह अपने साथी यश ठाकुर के साथ घरेलू सब्जी खरीदने के लिए व्हीकल बाजार गया था। बाजार में उसे स्कूल के दिनों में साथ पढ़ने वाला पुराना परिचित पीयूष शर्मा मिल गया। पीयूष के साथ उसका एक अन्य साथी अंकित रजक भी मौजूद था। पीयूष शर्मा ने अजय से कहा कि हम लोग बहुत दिनों के बाद मिले हैं, इसलिए साथ चलकर चाय पीते हैं। इसके बाद चारों लोग व्हीकल बाजार स्थित रामलीला मैदान के सामने चाय की दुकान पर चले गए और चाय पीने लगे।

​चाय पीने के दौरान ही अंकित रजक अचानक अजय से शराब पीने के लिए 500 रुपये मांगने लगा। अजय ने स्पष्ट रूप से कहा कि उसने अभी-अभी सब्जी खरीदी है और उसके पास अतिरिक्त पैसे नहीं बचे हैं। साथ ही अजय ने यह भी कहा कि वह अंकित को व्यक्तिगत रूप से नहीं पहचानता। इतनी सी बात सुनते ही पीयूष शर्मा और अंकित रजक दोनों उग्र हो गए और अजय के साथ भद्दी गालियां देने लगे।

​जब अजय ने गाली-गलौज करने से मना किया, तो विवाद और अधिक बढ़ गया। तभी पीयूष शर्मा ने आगे बढ़कर अजय के दोनों हाथ पीछे से कसकर पकड़ लिए। इसी बीच अंकित रजक ने अपनी जेब से धारदार चाकू निकाला और अजय पर हमला करते हुए उसकी दाहिनी जांघ के पिछले हिस्से में वार कर दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। साथ मौजूद दोस्त यश ठाकुर ने तुरंत बीच-बचाव कर अजय को बचाया। इसके बाद दोनों आरोपी जान से मारने की खुली धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घायल को अस्पताल पहुंचाया गया। रांझी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 296(ए), 119(1), 119(2), 351(2) और 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू कर दिया है।

ग्वारीघाट में बैंक कर्मी युवती के सूने फ्लैट से 90 हजार रुपये की नकदी चोरी

तिलवारा में प्लॉट देखने गई थी युवती, पीछे से बालकनी के रास्ते दाखिल होकर चोर ने गुल्लक से उड़ाई रकम

जबलपुर। ग्वारीघाट थाना क्षेत्र के पॉश इलाके में स्थित एक बहुमंजिला इमारत के सूने फ्लैट में अज्ञात चोर ने सेंधमारी कर नकदी पर हाथ साफ कर दिया। घर में रखी लकड़ी की गुल्लक का ढक्कन तोड़कर चोर करीब 90 हजार रुपये नकद समेटकर चंपत हो गया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ नकबजनी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

​ग्वारीघाट पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार वैशाली हाईट्स ग्वारीघाट निवासी 26 वर्षीय मंशा वर्मा ने थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मंशा एचडीएफसी बैंक में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 16-8-26 की सुबह लगभग 10 बजे वह अपने फ्लैट के मुख्य दरवाजे पर विधिवत ताला लगाकर नया प्लॉट देखने के लिए तिलवारा साइड गई हुई थीं। दिन भर बाहर रहने के बाद शाम लगभग 7 बजे वह अपने साथी ऋषभ गौर के साथ वापस अपने फ्लैट पर लौटीं।

​जैसे ही उन्होंने फ्लैट का ताला खोलकर अंदर प्रवेश किया, तो उन्हें घर का सारा सामान अस्त-व्यस्त दिखाई दिया। फ्लैट के मुख्य हॉल में लकड़ी की टेबल पर रखा हुआ सुंदर गुलदस्ता फर्श पर टूटा हुआ पड़ा था। अनहोनी की आशंका होने पर जब वे अंदर बेडरूम में गईं, तो कमरे में रखी मुख्य अलमारी के दोनों पल्ले खुले मिले। अलमारी के भीतर रखी लकड़ी की गुल्लक बाहर निकली हुई थी और उसका ऊपरी ढक्कन खुला पड़ा था। जब गुल्लक की जांच की गई, तो उसमें जमा करके रखे गए लगभग 90 हजार रुपये गायब थे।

​पीड़िता के अनुसार कोई अज्ञात शातिर चोर उनके फ्लैट के पीछे मौजूद बालकनी के रास्ते से अंदर दाखिल हुआ और कमरे में रखी नकदी चुराकर उसी रास्ते से बाहर निकल गया। घटना के बाद आसपास के लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता व्याप्त हो गई है। सूचना मिलते ही ग्वारीघाट पुलिस ने मौका मुआयना किया और पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 331(3) एवं 305(ए) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया। पुलिस अपार्टमेंट के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि चोर का सुराग लगाया जा सके।

अधारताल में घर के बाहर खड़े नए ई-रिक्शा की बैटरी और स्टेपनी ले उड़े चोर

एक महीने पहले ही फाइनेंस कराया था ई-रिक्शा, नंबर प्लेट आने से पहले ही अज्ञात चोरों ने किया हाथ साफ

जबलपुर। अधारताल थाना क्षेत्र में रात के अंधेरे में वाहनों के कलपुर्जे और बैटरी चुराने वाला गिरोह सक्रिय है। चोरों ने घर के बाहर खड़े एक नए ई-रिक्शा को निशाना बनाते हुए उसकी बैटरी और स्टेपनी पार कर दी। पीड़िता ने अधारताल थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस ने अपराध कायम कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है।

​पुलिस के अनुसार इंद्रानगर सुहागी निवासी 38 वर्षीय श्रीमती जमुना अहिरवार ने थाने में लिखित शिकायत प्रस्तुत की। जमुना ने बताया कि उन्होंने अपने परिवार की आजीविका चलाने के लिए 13-7-26 को राजधानी कंपनी का एक नया ई-रिक्शा फाइनेंस सुविधा के माध्यम से खरीदा था। ई-रिक्शा बिल्कुल नया होने के कारण अभी तक उसका औपचारिक आरटीओ रजिस्ट्रेशन नंबर भी प्राप्त नहीं हो सका था। वे प्रतिदिन की तरह अपने ई-रिक्शा का संचालन कर शाम को घर लौटती थीं।

​घटना वाली रात 14-8-26 को उन्होंने अपना ई-रिक्शा हमेशा की तरह अपने घर के ठीक सामने सुरक्षित खड़ा कर दिया था और परिवार सहित सोने चली गई थीं। देर रात किसी समय अज्ञात चोरों ने सूनेपन का फायदा उठाकर ई-रिक्शा के साथ छेड़छाड़ की। चोरों ने बड़ी ही सफाई से ई-रिक्शा में लगी मुख्य बैटरी और पीछे लगी नई स्टेपनी को खोल लिया और मौके से फरार हो गए।

​सुबह जब परिजन बाहर निकले तो ई-रिक्शा से बैटरी और स्टेपनी गायब देख उनके होश उड़ गए। आसपास काफी खोजबीन करने और पूछताछ करने के बाद भी जब सामान का कोई सुराग नहीं लगा, तब पीड़िता 16-8-26 को अधारताल थाने पहुंचीं और पूरी घटना की लिखित जानकारी दी। पीड़िता का कहना है कि नया वाहन होने से अभी उसकी किस्तें भी बाकी हैं और बैटरी चोरी हो जाने से उनकी रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। अधारताल पुलिस ने प्राप्त लिखित आवेदन के आधार पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर क्षेत्र में सक्रिय चोरों और कबाड़ियों की धरपकड़ शुरू कर दी है।

कपड़ा व्यापारी के बैंक खाते में आए 31 हजार, 7 मिनट में खाते से कटे 33 हजार रुपये

कोतवाली क्षेत्र के निवाड़गंज की घटना, ऑटोमैटिक ट्रांसफर से खाली हुआ खाता, पुलिस ने दर्ज किया मामला

जबलपुर। साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड का एक अनोखा तरीका अपनाते हुए कोतवाली थाना क्षेत्र के एक कपड़ा व्यापारी का बैंक खाता खाली कर दिया। खाते में पहले अज्ञात व्यक्ति द्वारा पैसे भेजे गए और फिर कुछ ही मिनटों में पूरी जमा पूंजी अपने आप किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गई। पीड़ित व्यापारी ने कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया है।

​कोतवाली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गल्ला मंडी निवाड़गंज निवासी 35 वर्षीय राहुल जैन ने धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। राहुल जैन की निवाड़गंज क्षेत्र में कपड़े की दुकान है और उनका व्यापारिक बैंक खाता आईडीबीआई बैंक की राइट टाउन शाखा में संचालित है। पीड़ित ने बताया कि 7-8-26 की दोपहर करीब 2:35 बजे उनके मोबाइल पर यूपीआई लेनदेन का एक संदेश आया। संदेश में उल्लेख था कि किसी अज्ञात व्यक्ति हीरालाल यादव द्वारा उनके खाते में 31 हजार रुपये की राशि जमा की गई है। राहुल जैन के खाते में 2 हजार रुपये पहले से शेष थे, जिससे उनका कुल बैलेंस 33 हजार रुपये हो गया।

​व्यापारी अभी यह समझ ही पा रहे थे कि यह पैसे किसने और क्यों भेजे हैं, तभी ठीक 7 मिनट बाद 2:42 बजे उनके मोबाइल पर दोबारा मैसेज आया। इस नए संदेश के अनुसार उनके बैंक खाते से पूरे 33 हजार रुपये स्वतः ही कटकर मल्ला राजेश नामक किसी अज्ञात व्यक्ति के खाते में ऑटोमैटिक ट्रांसफर हो गए। पीड़ित ने न तो किसी को कोई ओटीपी साझा किया था और न ही कोई यूपीआई पिन दर्ज किया था।

​अचानक खाते से पूरी रकम साफ हो जाने पर पीड़ित सीधे बैंक शाखा पहुंचे और जानकारी ली। बैंक से कोई स्पष्ट समाधान न मिलने पर उन्होंने 17-8-26 को कोतवाली थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। व्यापारी का कहना है कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा योजनाबद्ध तरीके से उनके खाते का दुरुपयोग कर यह डिजिटल धोखाधड़ी की गई है। कोतवाली पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट पर धारा 318(4) एवं 319(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साइबर सेल की मदद से ट्रांजेक्शन हिस्ट्री और दोनों बैंक खातों से जुड़े मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच की जा रही है।

गोसलपुर में तलैया की मेड़ पर आम के पेड़ से लटककर युवक ने दी जान

मजदूरी से लौटे बड़े भाई को मोहल्ले वालों ने दी सूचना, फंदे पर झूलता मिला शव, पुलिस ने शुरू की जांच

जबलपुर। गोसलपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम धमकी में 35 वर्षीय युवक ने अज्ञात कारणों के चलते गांव की तलैया के पास आम के पेड़ पर फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। घटना की सूचना मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को फंदे से नीचे उतारा और मर्ग कायम कर घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

​गोसलपुर पुलिस के अनुसार ग्राम धमकी निवासी 50 वर्षीय शिवकुमार कोल ने थाने में सूचना दी कि वह मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। 16-8-26 को वह दिन भर की मजदूरी पूरी करने के बाद शाम को अपने घर लौटा था। घर पर परिजनों के साथ भोजन करने के उपरांत वह अपने बच्चों के साथ कमरे में आराम कर रहा था। रात लगभग 9 बजे मोहल्ले के कुछ लड़के दौड़ते हुए उनके घर पहुंचे और उन्होंने बताया कि उनका छोटा भाई कमलेश कोल गांव की तलैया की मेड़ पर स्थित आम के पेड़ से लटका हुआ है।

​यह खबर सुनते ही शिवकुमार कोल परिजनों और ग्रामीणों के साथ तुरंत दौड़कर तलैया की मेड़ पर पहुंचे। वहां जाकर देखा तो उनका 35 वर्षीय छोटा भाई कमलेश कोल आम के पेड़ की मजबूत डाल पर साड़ी से फंदा बनाकर लटका हुआ था। परिजनों ने जब उसे छूकर देखा तो उसकी सांसें थम चुकी थीं और वह मृत अवस्था में था।

​घटना की तत्काल सूचना गोसलपुर थाना पुलिस को दी गई। पुलिस दल ने रात में ही घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों की मदद से शव को पेड़ से नीचे उतरवाया गया और पंचनामा कार्रवाई पूरी की गई। मृतक ने यह आत्मघाती कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसका खुलासा फिलहाल नहीं हो सका है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और परिजनों तथा आसपास के लोगों के बयान दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।

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