
जबलपुर। जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के कटंगी कार्यालय में पदस्थ सहायक अभियंता मनोज कुमार दुबे और लाइनमैन धनेश कुमार शुक्ला को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजुलता पटले के निर्देशन में 12000 की घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। कटंगी क्षेत्र के ग्राम जमुनिया निवासी किसान मुकेश कुमार यादव ने अपने खेत में मोटर चलाने के लिए 3 एचपी के स्थाई बिजली कनेक्शन हेतु आवेदन दिया था। इस कार्य के एवज में अधिकारियों ने शुरुआत में 15000 मांगे थे, जो बाद में 12000 में तय हुए। शिकायत की पुष्टि के बाद उप पुलिस अधीक्षक नीतू त्रिपाठी, ट्रैप दल प्रभारी निरीक्षक शशि कला मुस्कुले और निरीक्षक जितेंद्र यादव की टीम ने यह सख्त कार्रवाई पूरी की।
सिंचाई कनेक्शन के लिए मांगी थी घूस
कृषि कार्य के लिए ऊर्जा आपूर्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया को भ्रष्ट कर्मचारियों ने अवैध वसूली का माध्यम बना लिया था। पीड़ित ने नियमानुसार विभागीय दफ्तर में औपचारिक प्रक्रिया पूरी करते हुए पत्र प्रस्तुत किया था। इसके बावजूद संबंधित तकनीकी अमले ने फाइल आगे बढ़ाने और लाइन बिछाने की मंजूरी देने में अनावश्यक रुकावटें खड़ी करना शुरू कर दिया। कृषक द्वारा बार-बार चक्कर लगाने पर सीधे आर्थिक लाभ पहुंचाने का दबाव बनाया जा रहा था। जब कोई वैध रास्ता नहीं बचा तो पीड़ित ने सीधे भ्रष्टाचार निवारण संस्था का रुख किया और पूरे घटनाक्रम का लिखित ब्योरा प्रस्तुत कर इंसाफ की गुहार लगाई। जांच एजेंसी ने प्रारंभिक स्तर पर तकनीकी साक्ष्य जुटाए जिससे अवैध मांग की बात पूरी तरह प्रमाणित हो गई।
दफ्तर में जाल बिछाकर पकड़े गए भ्रष्टाचारी
योजनाबद्ध तरीके से चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत केमिकल लगे नोट आवेदक को देकर नियत स्थान पर भेजा गया। जैसे ही दोनों कर्मचारियों ने निर्धारित रकम अपने हाथों में थामी, पहले से तैयार दल ने तत्काल दबिश देकर उनको अपनी गिरफ्त में ले लिया। मौके पर ही रासायनिक परीक्षण कराया गया जिसमें आरोपियों के हाथ लाल हो गए। बरामद नोटों के नंबरों का मिलान पूर्व में दर्ज सूची से शत-प्रतिशत सही पाया गया। दल ने अवैध राशि को तुरंत जब्त करते हुए वैधानिक जब्ती पंचनामा तैयार किया। दोनों कर्मियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के अंतर्गत प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज की गई है। प्रशासनिक स्तर पर दोनों के सेवा अभिलेखों और संपत्तियों की अतिरिक्त पड़ताल भी शुरू कर दी गई है।
