
डिंडौरी। जिले की करंजिया जनपद पंचायत अंतर्गत बुटियां टोला गांव में मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां अमृत सरोवर योजना के तहत सुनाड़ी नाले पर 29 लाख रुपये की लागत से चेकडैम का निर्माण शुरू किया गया था। इस काम में जुटे 45 मजदूरों को 4 साल बीत जाने के बाद भी उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं मिला है। कुल 2 लाख रुपये की राशि बकाया है। दुखद पहलू यह है कि मजदूरी मिलने की आस में दो महिला मजदूर तारा बाई और लीला बाई की मृत्यु हो चुकी है। भुगतान न मिलने से परेशान ग्रामीण अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं और अब मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई गई है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी को निष्पक्ष जांच का निर्देश दिया है।
न्याय के इंतजार में दम तोड़ गए मजदूर
चेकडैम निर्माण के चार वर्ष बीतने के बाद भी मेहनतकश मजदूरों को उनका हक नहीं मिल सका है। स्थानीय निवासी कमली बाई और सुमंत्री यादव ने बताया कि उन्होंने मजदूरी के भुगतान के लिए जनपद पंचायत के कई बार चक्कर लगाए लेकिन हर बार उन्हें केवल निराशा ही हाथ लगी है। इस मामले में तत्कालीन इंजीनियर ब्रजेंद्र सारीवान का कहना है कि जांच के बाद बकाया राशि का भुगतान जल्द सुनिश्चित किया जाएगा। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने अपना पसीना बहाकर सरकारी काम पूरा किया था लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण आज वे दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं। दो महिलाओं की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
जिला प्रशासन ने अब जांच के दिए निर्देश
प्रशासन ने अब मामले की गंभीरता को देखते हुए सक्रियता दिखाई है। जिला पंचायत सीईओ को पूरी प्रक्रिया की जांच करने और जल्द भुगतान की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। हालांकि सवाल यह उठता है कि चार साल तक प्रशासन की नजर इन गरीब मजदूरों पर क्यों नहीं पड़ी। अब देखना यह है कि जांच के बाद इन मजदूरों को उनका पैसा कब तक मिलता है। पीड़ित परिवार अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द उनकी मेहनत का बकाया पैसा उनके हाथों में सौंपेगा ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
