
अल्ट्रा क्लीन कंपनी और ननि के अफसरों का खेल,शिकायत करने पर मिलती है नौकरी से निकालने की धमकी
जबलपुर। नगर निगम में अल्ट्रा क्लीन कंपनी और उद्यान विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी और श्रमिकों के शोषण का मामला सामने आया है। विभाग के भीतर चल रही धांधली के कारण हर महीने निगम के खजाने को लाखों रुपये की चपत लग रही है। उद्यान विभाग के सूत्रों के अनुसार कंपनी और अधिकारियों की जुगलबंदी का खुलासा सिर्फ उपस्थिति डेटा और भुगतान वाउचर की बारीकी से जांच करने पर हो सकता है। हाल ही में श्रमिकों के मोर्चा खोलने के बाद भ्रष्टाचार की परतें उधड़ने लगी हैं। मस्टर रोल में हेरफेर करके श्रमिकों को उद्यान विभाग में कार्यरत दिखाया जाता है, जबकि उनसे निजी घरों और अन्य स्थानों पर काम करवाया जा रहा है। अधिकारियों और कंपनी के गठजोड़ ने भ्रष्टाचार का ऐसा तंत्र विकसित किया है, जिससे निगम प्रशासन को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
अधिकारी और कंपनी के गठजोड़ से बढ़ता भ्रष्टाचार
श्रमिकों ने आरोप लगाया है कि उन्हें तय वेतन से काफी कम राशि दी जा रही है। उद्यान विभाग के लिए नियुक्त इन श्रमिकों को अधिकारियों के घरों और रसूखदार जनप्रतिनिधियों के आवासों पर निजी कार्यों के लिए भेजा जाता है। जब श्रमिक इस शोषण का विरोध करते हैं, तो उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि व्यवस्था पूरी तरह सेट है, इसलिए उच्च अधिकारियों से शिकायत करने का कोई फायदा नहीं होगा। यह मामला न केवल वित्तीय अनियमितता का है, बल्कि सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का भी है। श्रमिक अब अपनी परवाह किए बिना इस अन्याय के खिलाफ खड़े हो गए हैं और लगातार नए खुलासे कर रहे हैं।
