
पटवारी संघ ने सरकार को दिया 15 जुलाई का अल्टीमेटम
जबलपुर। जबलपुर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मध्य प्रदेश पटवारी संघ की जिला शाखा ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को पटवारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद की और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संघ का कहना है कि उनकी 5 सूत्रीय मांगें लंबे समय से लंबित हैं जिनका निराकरण नहीं किया जा रहा है। इन मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए पटवारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगे पूरी नहीं हुईं तो वे 15 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पटवारी मौजूद रहे और उन्होंने सरकार से तत्काल समाधान की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से संघ ने अपनी नाराजगी स्पष्ट करते हुए प्रशासन को समय सीमा के भीतर कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया है।
अपनी मांगों के लिए पटवारियों ने भरी हुंकार
मध्य प्रदेश पटवारी संघ जिला शाखा जबलपुर के बैनर तले सभी पटवारी एकजुट हुए हैं। पटवारियों का आरोप है कि उनकी जायज मांगों की तरफ सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। लंबे समय से लंबित 5 सूत्रीय मांगों के निराकरण को लेकर बार-बार आग्रह करने के बाद भी अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी कारणवश जिले भर के पटवारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। ज्ञापन देने आए पटवारियों का कहना है कि वे जनहित के कार्यों को लेकर हमेशा सजग रहते हैं लेकिन जब उनके अधिकारों की अनदेखी होती है तो आंदोलन ही एकमात्र रास्ता बचता है।
मांगे पूरी न हुई तो काम बंद आंदोलन
प्रदर्शन के दौरान पटवारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल चेतावनी है। यदि 15 जुलाई तक सरकार उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक विचार नहीं करती है या मांगों को पूरा नहीं करती है तो वे काम बंद कर हड़ताल करेंगे। इस निर्णय से राजस्व और प्रशासनिक कार्यों पर सीधा असर पड़ सकता है। पटवारी संघ ने साफ कर दिया है कि वे अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। प्रशासन तक अपनी बात पहुँचाने के लिए उन्होंने पूरी मजबूती से अपना पक्ष रखा है। अब गेंद सरकार के पाले में है कि वह कब तक इन मांगों पर गौर करती है और आगे की स्थिति क्या होती है।
पटवारियों की प्रमुख 5 सूत्रीय मांगें ये हैं
- कैडर रिव्यु एवं पदोन्नति: लंबे समय से लंबित कैडर रिव्यु के प्रस्ताव को तत्काल लागू किया जाए और पटवारियों को पदोन्नति या समयमान वेतनमान का लाभ मिले।
- विभागीय परीक्षा: नायब तहसीलदार विभागीय परीक्षा को नियमित रूप से आयोजित कराया जाए।
- विधिक संरक्षण: राजस्व मामलों में रिपोर्ट देने के कारण सीधे पटवारियों पर FIR दर्ज की जाती है, इसलिए उन्हें ‘जज प्रोटेक्शन एक्ट’ के दायरे में लाकर सुरक्षा प्रदान की जाए।
- लंबित भुगतान: स्वामित्व योजना, कृषि और सिंचाई संगणना जैसे कार्यों का जो मानदेय लंबे समय से लंबित है, उसका तुरंत भुगतान किया जाए, अन्यथा आगामी कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा।
- स्थानांतरण नीति: शासन की 2026 नीति के विरुद्ध किए गए संगठन के पदाधिकारियों के तबादलों को निरस्त किया जाए और समस्याओं के समाधान के लिए नियमित परामर्शदात्री बैठकें आयोजित हों।
