
जबलपुर। शहर के सबसे महंगे और वीआईपी इलाके राइट टाउन में नगर निगम की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। चंचला बाई स्कूल पानी की टंकी के पास स्थित करीब 10 करोड़ रुपये की बेशकीमती सरकारी जमीन और भवन को पूरी तरह से कब्जा मुक्त करा लिया गया है। संभाग क्रमांक 13 के संभागीय अधिकारी सागर बोरकर और संपदा शाखा के उपयंत्री प्रमोद अग्रवाल की देखरेख में पहुंचे अतिक्रमण विरोधी दस्ते ने इस पूरे परिसर को अपने कब्जे में लेकर मुख्य द्वारों पर ताले जड़ दिए। डायवर्सन प्लाट नं. 440 और डायवर्सन शीट नं. 152 सी के इस बड़े हिस्से पर पहले कस्तूरबा स्कूल चलता था, लेकिन पिछले कुछ समय से नियमों को ताक पर रखकर यहां लॉ कॉलेज के नाम पर अवैध कब्जा जमाया गया था।
कस्तूरबा स्कूल की आड़ में खेल, लॉ कॉलेज के नाम पर था कब्जा
नगर निगम के स्वामित्व वाली इस सरकारी जमीन का बाजार मूल्य करोड़ों में है। कस्तूरबा स्कूल का संचालन बंद होने के बाद इस पूरे परिसर को खाली छोड़ दिया गया था। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने नियमों की अनदेखी की और लॉ कॉलेज के बैनर तले इस पूरी सरकारी संपत्ति को अपने कब्जे में ले लिया। पॉश इलाका होने के कारण इस जमीन पर लंबे समय से गिद्ध दृष्टि बनी हुई थी। जैसे ही नगर निगम के आला अधिकारियों को इस अवैध गतिविधि और नियम विरुद्ध कब्जे की पुख्ता जानकारी मिली, उन्होंने बिना किसी देरी के इस कीमती सरकारी संपत्ति को वापस सरकारी नियंत्रण में लेने की रणनीति तैयार की।
बिना किसी दबाव मुख्य द्वारों को किया गया सील
प्रशासनिक आदेश मिलते ही नगर निगम के अफसरों और कर्मचारियों का एक बड़ा दस्ता अचानक मौके पर पहुंच गया। वहां मौजूद कब्जाधारियों को संभलने का मौका दिए बिना टीम ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी। किसी भी तरह के बाहरी या राजनीतिक दबाव को पीछे छोड़ते हुए अधिकारियों ने पूरे परिसर को खाली कराया और उसे पूरी तरह से सील कर दिया। मुख्य दरवाजों पर भारी ताले लटका दिए गए हैं ताकि दोबारा कोई वहां घुस न सके। संपदा शाखा के अधिकारियों ने साफ किया है कि शहर के मुख्य हिस्सों में मौजूद नगर निगम की संपत्तियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।
