जबलपुर रेलवे स्टेशन के भोजनालय में परोसा जा रहा था नकली पनीर

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Newzo - News Editor 127 Views
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जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर स्टेशन स्थित भोजनालय में यात्रियों की सेहत के साथ खिलवाड़ का बड़ा मामला सामने आया है। रेलवे मजिस्ट्रेट वेद प्रकाश सगर ने स्टेशन के भोजनालय पर अचानक छापामार कार्रवाई की। इस निरीक्षण के दौरान यह खुलासा हुआ कि वहां यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन में नकली पनीर का इस्तेमाल किया जा रहा था। मजिस्ट्रेट ने मौके पर ही घटिया सामग्री की जांच की और स्वास्थ्य निरीक्षक हेमंत यादव को तत्काल नमूने लेने के निर्देश दिए। इस कार्रवाई में सीटीआई मजिस्ट्रेट स्क्वाड, आरपीएफ, जीआरपी और कोर्ट का स्टाफ भी शामिल रहा। फूड सेफ्टी एक्ट 2006 के तहत कार्रवाई करते हुए 3 सैंपल जांच के लिए भोपाल लैब भेजे गए हैं। वहीं, भोजनालय में भारी गंदगी पाए जाने पर धारा 145 के तहत जुर्माना भी वसूल किया गया है।

​जांच में पकड़ी गई नकली पनीर की सच्चाई

​अचानक हुई इस छापेमारी से स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया। रेल मजिस्ट्रेट वेद प्रकाश सगर की टीम ने जब भोजनालय की रसोई का बारीकी से मुआयना किया, तो वहां रखी पनीर की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। खाद्य पदार्थों में हो रही इस मिलावट को देखकर प्रशासन ने इसे गंभीर मामला माना है। स्वास्थ्य निरीक्षक हेमंत यादव ने मौके से दो सैंपल फूड सेफ्टी एक्ट 2006 के तहत और एक सैंपल क्वालिटी कंट्रोल के लिए सीलबंद कर भोपाल प्रयोगशाला भेजे हैं। इन नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना रेलवे की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन इस भोजनालय द्वारा नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही थी।

​साफ-सफाई की कमी पर भी हुई सख्त कार्रवाई

​भोजन की गुणवत्ता के अलावा भोजनालय में व्याप्त गंदगी पर भी मजिस्ट्रेट ने कड़ी नाराजगी जताई। रेलवे परिसर के भीतर स्वच्छता मानकों का पालन न करना यात्रियों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है। निरीक्षण के दौरान रसोई में पसरी गंदगी और अव्यवस्था के लिए संबंधित संचालक पर धारा 145 के अंतर्गत भारी जुर्माना लगाया गया है। मजिस्ट्रेट के साथ मौजूद आरपीएफ, जीआरपी और सीटीआई स्क्वाड ने पूरी कार्रवाई में सक्रिय भूमिका निभाई। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों को घटिया भोजन परोसने और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसा अभियान जारी रहेगा। इस कार्रवाई ने स्टेशन पर खाने-पीने की वस्तुओं की शुद्धता को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है, जिससे रेलवे प्रशासन सतर्क हो गया है।

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