जबलपुर के पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय में प्रशासनिक बदलाव का नया दौर


जबलपुर। नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए डॉ. राखी वैश्य को विश्वविद्यालय का नया कुलसचिव यानी रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। वे अभी तक वेटरनरी कॉलेज जबलपुर में डीन के पद पर अपनी सेवाएं दे रही थीं। उनकी कार्यकुशलता और शैक्षणिक अनुभव को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। डॉ. राखी वैश्य के पदभार संभालने के साथ ही विश्वविद्यालय के कामकाज में नए प्रशासनिक युग की शुरुआत मानी जा रही है। लंबे समय से वे पशु चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में सक्रिय हैं और अब सीधे विश्वविद्यालय स्तर पर कमान संभालेंगी। उनके पास प्रशासनिक कार्यों का गहरा अनुभव है जिसे अब एनडीवीएसयू के विकास में उपयोग किया जाएगा।
अनुभवी डॉ. राखी वैश्य संभालेंगी विश्वविद्यालय की प्रशासनिक कमान
डॉ. राखी वैश्य ने अब तक वेटरनरी कॉलेज के डीन के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन किया है। उन्होंने कॉलेज के शैक्षणिक स्तर को ऊपर उठाने और छात्रों के लिए बेहतर शोध माहौल तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है। उनके इसी प्रभावी नेतृत्व और प्रशासनिक अनुभव के कारण उन्हें विश्वविद्यालय का नया कुलसचिव बनाया गया है। प्रबंधन का मानना है कि डॉ. वैश्य के आने से विश्वविद्यालय के कामकाज में पारदर्शिता और गति आएगी। वे कॉलेज की समस्याओं और आवश्यकताओं से भलीभांति परिचित हैं, जिसका लाभ अब पूरे विश्वविद्यालय को मिलेगा। उनकी नियुक्ति को विश्वविद्यालय की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए एक दूरगामी निर्णय के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में वे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों में सुधार लाने के लिए कई नए कदम उठा सकती हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा भरने की बड़ी उम्मीदें
विश्वविद्यालय में नई कुलसचिव की नियुक्ति से सभी को काफी उम्मीदें हैं। शैक्षणिक और अनुसंधान कार्यों को नई दिशा देने के साथ ही प्रशासनिक कामकाज को और अधिक सुगम बनाना उनकी प्राथमिकता होगी। डॉ. वैश्य के नेतृत्व में विश्वविद्यालय के भविष्य की योजनाओं को नई गति मिलने की संभावना है। विश्वविद्यालय परिवार उन्हें इस बड़ी जिम्मेदारी के लिए बधाई दे रहा है। कुलसचिव के पद पर उनकी नियुक्ति प्रशासनिक फेरबदल की एक बड़ी कड़ी है जो आने वाले दिनों में सकारात्मक बदलाव लेकर आएगी। उनके पास अब पूरे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक तंत्र को संचालित करने की बड़ी जिम्मेदारी है। उम्मीद है कि वे अपने अनुभव से विश्वविद्यालय को सफलता के नए सोपानों तक ले जाएंगी और संस्थान को और अधिक ऊंचाइयों पर स्थापित करेंगी।
