
डिंडोरी। जिले में नेशनल हाईवे 45 पर रविवार सुबह करौंदी गांव के समीप एक बड़ी अव्यवस्था देखने को मिली। सुबह 4:30 बजे के करीब जबलपुर से डिंडोरी की ओर आ रही एक यात्री बस और एक ट्रक निर्माणाधीन सड़क के गहरे गड्ढे में फंस गए। इस घटना के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और सैकड़ों यात्री करीब 3 घंटे तक जाम में फंसे रहे। सूचना मिलने पर तहसीलदार आर.पी. मार्को और थाना प्रभारी अनुराग जामदार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने जेसीबी मशीन मंगवाकर कड़ी मशक्कत के बाद दोनों भारी वाहनों को गड्ढे से बाहर निकलवाया। सुबह 9:30 बजे के बाद ही मार्ग पर यातायात पूरी तरह सामान्य हो पाया। इस घटना ने प्रशासन की लापरवाही और अधूरी सड़क निर्माण कार्य की पोल खोल दी है।
मरीजों को हुईं बेहद परेशानियां
हाईवे पर हुए इस हादसे के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बस में सवार लोगों को घंटों तक हाईवे पर ही रुकना पड़ा, जिससे कामकाजी लोगों और मरीजों को दिक्कतें हुईं। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण का कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जिस कारण बारिश के मौसम में गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं। इस मार्ग पर भारी वाहनों का निरंतर आवागमन रहता है, बावजूद इसके प्रशासन ने सुरक्षा और सड़क मरम्मत को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए हैं। घटना स्थल पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लिया और सड़क निर्माण एजेंसी को तुरंत सुधार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटना न हो, इसके लिए गड्ढों को तत्काल भरा जाएगा।
ग्रामीणों की चेतावनी और प्रशासन का आश्वासन
हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की स्थिति नहीं सुधारी गई, तो बड़ा हादसा होने की संभावना बनी रहेगी। तहसीलदार ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि निर्माणाधीन सड़क के खतरनाक हिस्सों की पहचान कर वहां मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। पुलिस ने भी जाम खुलवाने के बाद यातायात को सुव्यवस्थित करने के लिए गश्त बढ़ाने की बात कही है। फिलहाल मौके से दोनों वाहनों को हटा लिया गया है और यातायात बहाल है। स्थानीय निवासियों की मांग है कि सड़क निर्माण की गति को बढ़ाया जाए ताकि रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिल सके और किसी की जान जोखिम में न पड़े।
