
एटीएम से नकद न निकलने की शिकायत पर सहायक सचिव बने ठगी के शिकार, खाते से उड़ाए 1 लाख 35 हजार रुपये
सिहोरा पुलिस ने अज्ञात जालसाज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला किया दर्ज
जबलपुर। सिहोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दिनारी खम्हरिया निवासी अमित कुमार सेन के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित अमित कुमार सेन उम्र 39 वर्ष गांधीगंज गंजताल में सहायक सचिव के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि दिनांक 10-8-26 को वे एटीएम से 6 हजार रुपये निकालने गए थे। मशीन से राशि नहीं निकली लेकिन खाते से कट गई। इसकी शिकायत उन्होंने सेंट्रल बैंक में की तो बैंक कर्मियों ने 24 घंटे के भीतर पैसा वापस खाते में आने का आश्वासन दिया। निर्धारित समय बीतने के बाद भी जब राशि वापस नहीं आई तो उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया के कस्टमर केयर के टोल फ्री नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
इसके बाद दिनांक 14-8-26 को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को बैंक का अधिकृत कर्मचारी बताया और पीड़ित से कहा कि वह एक लिंक भेज रहा है। उसने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि इस लिंक को खोलकर उसमें पूरी जानकारी भरकर भेजते ही फंसा हुआ पैसा तुरंत वापस आ जाएगा। झांसे में आकर सहायक सचिव ने लिंक पर अपनी व्यक्तिगत और बैंक से जुड़ी समस्त जानकारी दर्ज कर दी। इसके बाद भी जब खाते में रुपये नहीं आए तो उन्हें संदेह हुआ।
अगले दिन जब पीड़ित ने एटीएम जाकर मिनी स्टेटमेंट निकाला तो उनके होश उड़ गए। स्टेटमेंट से पता चला कि किसी अज्ञात शातिर जालसाज ने उनके खाते से ऑनलाइन धोखाधड़ी करते हुए कुल 1 लाख 35 हजार 500 रुपये पार कर दिए हैं। ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने सिहोरा थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2) और 308 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है। पुलिस अब कॉल डिटेल और बैंक ट्रांजेक्शन के आधार पर साइबर ठग की तलाश में जुटी है।
सोलर पैनल कारोबारी से सामग्री और ट्रांसपोर्ट के नाम पर 80 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी
माढ़ोताल पुलिस ने अज्ञात ठगों के विरुद्ध धोखाधड़ी का अपराध किया पंजीबद्ध
जबलपुर। माढ़ोताल थाना क्षेत्र में एक सोलर पैनल कारोबारी को सामग्री खरीदने और ट्रांसपोर्ट भाड़े के नाम पर उलझाकर हजारों रुपये की चपत लगाने की घटना प्रकाश में आई है। ग्रीनसिटी रिमझा निवासी अमित कुमार तिवारी उम्र 27 वर्ष ने पुलिस को बताया कि वे सोलर पैनल का व्यवसाय करते हैं। व्यापार के सिलसिले में माल खरीदने के लिए दिनांक 15-8-26 की शाम लगभग 5:30 बजे उनकी बातचीत पाइनर नट बोल्ट्स प्राइवेट लिमिटेड जीएसटी के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप और वीडियो कॉलिंग के जरिए हुई थी। बातचीत के दौरान सामग्री का ऑर्डर तय हुआ और पीड़ित ने एडवांस के तौर पर 10 हजार रुपये का भुगतान कर दिया।
इसके बाद दिनांक 16-8-26 को सुबह 9:33 बजे उन्होंने 18 हजार रुपये फोन पे के माध्यम से और ट्रांसफर किए। कुछ समय बाद उनके पास ट्रांसपोर्ट भाड़ा जमा करने के लिए एक अन्य नंबर से फोन आया। फोन करने वाले के कहे अनुसार कारोबारी ने शेख कबीर की यूपीआई आईडी पर गूगल पे से तीन अलग-अलग किस्तों में 11100, 11160 और 11116 रुपये सहित कुल 33 हजार 376 रुपये भेज दिए। इस प्रकार कुल 61 हजार 376 रुपये का भुगतान करने के बावजूद जब माल गंतव्य तक नहीं पहुंचा तो कारोबारी ने संपर्क किया। तब आरोपियों ने कहा कि ट्रांसपोर्ट की शेष प्रक्रिया पूरी करनी होगी और पूरा पैसा ऑन कॉल वापस कर दिया जाएगा।
इसके बाद जालसाजों ने पीड़ित को एक कंप्यूटर स्क्रीनशॉट भेजा जिसमें अमाउंट 1 और अमाउंट 2 दर्ज था। जालसाजों ने अमाउंट 1 पर 9 हजार और अमाउंट 2 पर 999 रुपये डालने को कहा। व्यापारी ने 9999 रुपये एक साथ भेजे तो उन्होंने कहा कि यह राशि एक बार में स्वीकार नहीं होती, इसलिए शेख आरिफ के स्कैनर पर 9 हजार और 9999 रुपये अलग-अलग भेजने होंगे। इस प्रक्रिया में पीड़ित के कुल 80 हजार 375 रुपये ट्रांसफर हो गए। बाद में आरोपियों ने 4999 रुपये वापस भेजकर बाकी पैसे के लिए फिर से 4999 रुपये मांगे और मोबाइल बंद कर लिया। इस तरह सेंट्रल बैंक विजय नगर शाखा के खाते से 80 हजार 375 रुपये हड़प लिए गए। माढ़ोताल पुलिस ने अज्ञात आरोपियों पर धारा 318(4) व 319(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फर्जी नायब तहसीलदार बनकर स्वास्थ्य कर्मी से 96 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी
घमापुर थाने में अज्ञात जालसाज के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज
जबलपुर। घमापुर थाना क्षेत्र में सरकारी अधिकारी का रौब दिखाकर एक महिला स्वास्थ्य कर्मी को झांसे में लेते हुए 96 हजार रुपये की साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सरकारी कुआं घमापुर निवासी श्रीमती लीला दाहिया उम्र 45 वर्ष शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोतवाली में एएनएम के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने घमापुर थाने में उपस्थित होकर शिकायत दर्ज कराई कि दिनांक 13-8-26 की शाम लगभग 5:20 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने अपना परिचय नायब तहसीलदार अशोक मीणा के रूप में दिया।
फर्जी अधिकारी ने बातचीत के दौरान पहले सुपरवाइजर नरेन्द्र पाठक के बारे में पूछताछ की और फिर नरेन्द्र पाठक को फोन लाइन पर कॉन्फ्रेंस में जोड़कर बात भी कराई। इसके बाद उसने महिला कर्मी को अपनी बातों में बुरी तरह उलझा लिया। जालसाज ने कहा कि क्षेत्र की सभी आंगनवाड़ियों के लिए शासन की तरफ से 5-5 हजार रुपये आने वाले हैं, लेकिन इसके लिए पहले विभागीय प्रक्रिया के तहत खाते में 10 हजार रुपये जमा करने होंगे। उच्चाधिकारी की बात समझकर पीड़िता ने उसके बताए अनुसार 10 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
इसके बाद शातिर ठग ने प्रक्रिया का हवाला देते हुए लगातार अलग-अलग बहानों से रुपये ट्रांसफर करवाए। पीड़िता से 13 हजार 990 रुपये, 36 हजार रुपये, 36 हजार रुपये और फिर 10 हजार रुपये डलवाए गए। इस प्रकार कुल 5 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए पीड़ित स्वास्थ्य कर्मी से 96 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। जब पीड़िता को एहसास हुआ कि उनके साथ फर्जीवाड़ा हुआ है और कोई राशि नहीं आनी है, तब उन्होंने थाने की शरण ली। घमापुर पुलिस ने लीला दाहिया की रिपोर्ट पर संबंधित मोबाइल नंबर धारक अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर साइबर सेल की मदद से छानबीन प्रारंभ कर दी है।
बैंक अधिकारी बनकर किसान से योनो ऐप चालू कराने का झांसा देकर 42 हजार रुपये ठगे
सिहोरा पुलिस ने अज्ञात मोबाइल धारक के खिलाफ दर्ज किया धोखाधड़ी का मुकदमा
जबलपुर। सिहोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बोढ़ी के एक सीधे-साधे किसान को बैंक अधिकारी बनकर डिजिटल बैंकिंग सेवा शुरू कराने का झांसा देते हुए हजारों रुपये की चपत लगा दी गई। ग्राम बोढ़ी निवासी राजेन्द्र प्रसाद साहू उम्र 58 वर्ष पेशे से किसान हैं और उनका खाता भारतीय स्टेट बैंक की पौड़ा शाखा में है। किसान के खाते का एसबीआई योनो ऐप करीब 02 वर्ष से तकनीकी कारणों से बंद पड़ा था। पीड़ित किसान ने कुछ समय पहले बैंक शाखा जाकर इसे ठीक कराने का प्रयास किया था, जहां कर्मचारियों ने मोबाइल जांचकर बताया था कि इस पुराने फोन में ऐप नहीं चलेगा और नया फोन लेना पड़ेगा।
इसी बीच दिनांक 21-04-26 की शाम लगभग 05 बजे किसान के मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया। फोन करने वाले ने स्वयं को एसबीआई बैंक का अधिकृत अधिकारी बताया और कहा कि आपका योनो ऐप बंद है, जिसे अभी चालू कर दिया जाएगा। जालसाज ने किसान से कहा कि जैसा वह फोन पर निर्देश दे रहा है, वैसा ही अपने फोन में करते जाएं। किसान उसके झांसे में आ गया और उसने अपना मोबाइल खोलकर ठग के कहे अनुसार फोन पे का उपयोग करना शुरू कर दिया।
शातिर ठग के निर्देशों का पालन करते ही किसान के बैंक खाते से तीन किस्तों में क्रमशः 34635 रुपये, 6024 रुपये और 1501 रुपये कट गए। इस प्रकार कुल 42 हजार 160 रुपये खाते से निकल गए। पैसे कटने का मैसेज देखकर किसान सन्न रह गया। ठगी का अहसास होते ही उसने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद दिनांक 18-08-26 को सिहोरा थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि एक अज्ञात व्यक्ति फर्जी बैंक अधिकारी बनकर योनो ऐप चालू कराने के नाम पर 42160 रुपये निकाल ले गया है। सिहोरा थाना पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्वारीघाट में निर्माणाधीन मकान का ताला तोड़कर 15 हजार रुपये की मशीनें चोरी
टाइल्स मिस्त्री की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात चोर के विरुद्ध दर्ज किया प्रकरण
जबलपुर। ग्वारीघाट थाना क्षेत्र में एक सूने मकान का ताला तोड़कर वहां रखे निर्माण कार्य के महंगे औजार और मशीनें चोरी होने का मामला प्रकाश में आया है। सिलुआ चौखड़ा बरेला निवासी राहुल चौधरी उम्र 25 वर्ष टाइल्स मिस्त्री का काम करता है। वर्तमान में वह ग्वारीघाट स्थित प्रजापति जी के मकान में टाइल्स लगाने का काम कर रहा था। काम के दौरान उपयोग में आने वाली मशीनें वहीं कमरे में रखी जाती थीं।
दिनांक 17-8-26 को राहुल पूरे दिन काम करने के बाद शाम लगभग 6 बजे काम बंद करके अपने औजार सहेजने लगा। उसने काम में आने वाली 2 पत्थर कटर मशीन और 2 ग्लेंडर मशीन को सुरक्षित रूप से कमरे में रख दिया और दरवाजे पर ताला लगाकर अपने घर सिलुआ चला गया। दिनांक 18-8-26 की सुबह जब वह नियत समय पर काम करने के लिए ग्वारीघाट पहुंचा तो देखा कि मकान के कमरे का ताला टूटा हुआ पड़ा था। अनहोनी की आशंका पर जब उसने कमरे के अंदर जाकर देखा तो वहां रखी 2 कटर मशीन और 2 ग्लेंडर मशीन गायब थीं।
राहुल ने तत्काल आसपास के लोगों से पूछताछ की और औजारों की तलाश की, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। अज्ञात चोर सूनेपन का फायदा उठाकर लगभग 15 हजार रुपये कीमत की मशीनें चोरी कर ले गया। इसके बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी। ग्वारीघाट पुलिस ने राहुल चौधरी की शिकायत पर अज्ञात चोर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4) एवं 305(ए) के तहत मामला दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि चोर का पता लगाया जा सके।
शराब के लिए पैसे न देने पर छात्र पर चाकू से हमला, जांघ पर आई गंभीर चोट
संजीवनी नगर पुलिस ने आरोपी यश बेन के खिलाफ विभिन्न धाराओं में दर्ज किया मामला
जबलपुर। संजीवनी नगर थाना क्षेत्र में शराब पीने के लिए पैसे मांगने और मना करने पर एक नाबालिग छात्र पर चाकू से जानलेवा हमला करने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। सागर कॉलोनी धन्वंतरी नगर निवासी अर्णव दुबे उम्र 17 वर्ष कक्षा 11वीं का छात्र है। दिनांक 18-08-2026 की रात लगभग 10:30 बजे वह होलीक्रॉस स्कूल के पास ईडब्ल्यूएस कॉलोनी धन्वंतरी नगर में अपने दोस्त अर्ग त्रिपाठी और विनय लोधी के साथ बातचीत कर रहा था।
उसी दौरान क्षेत्र का निवासी यश बेन अपनी मोटरसाइकिल से वहां पहुंचा। बाइक से उतरते ही यश बेन ने विनय लोधी से शराब पीने के लिए रुपयों की मांग शुरू कर दी। जब विनय ने रुपये देने से साफ मना कर दिया तो आरोपी भड़क गया और गाली-गलौज करने लगा। पास में खड़े अर्णव दुबे ने जब उसे गाली-गलौज करने से रोका और शांत रहने को कहा तो आरोपी यश बेन उग्र हो गया। उसने तैश में आकर अपनी जेब से अचानक धारदार चाकू निकाल लिया और अर्णव पर हमला कर दिया।
आरोपी ने अर्णव के बाएं पैर की जांघ के पिछले हिस्से में चाकू से जोरदार वार कर दिया जिससे खून बहने लगा और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद आरोपी खुलेआम जान से मारने की धमकी देते हुए अपनी मोटरसाइकिल से मौके से फरार हो गया। घायल छात्र को उसके साथियों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद दिनांक 19-8-26 की रात संजीवनी नगर थाने में घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपी यश बेन के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 118(1), 119(1), 296(b) और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
द्वारचार में 10 लाख रुपये दहेज की मांग पूरी न होने पर बारात लाने से किया इनकार
खमरिया पुलिस ने दूल्हे सुमित सिंह और उसके पिता महेन्द्र सिंह के विरुद्ध दर्ज किया प्रकरण
जबलपुर। खमरिया थाना क्षेत्र में विवाह के ऐन वक्त पर 10 लाख रुपये दहेज की मांग को लेकर बारात न लाने और सगाई तोड़ने का गंभीर मामला सामने आया है। खमरिया निवासी पीड़िता प्राइवेट सेल्समैन का काम करती है। वर्ष 2024 में शादी डॉट कॉम वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से उसकी जान-पहचान सुमित सिंह निवासी कटारा हिल्स प्राइड सिटी भदभदा भोपाल से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत के बाद दोनों परिवारों की सहमति बनी और रिश्ता पक्का हुआ।
दिनांक 5-8-25 को समदड़िया होटल रसल चौक जबलपुर में दोनों पक्षों की सहमति से सगाई का कार्यक्रम संपन्न हुआ था। इसके बाद दिसंबर माह में युवती की माता का निधन हो जाने के कारण शादी की तारीख आगे बढ़ाकर दिनांक 19-6-26 तय की गई थी। शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और दिनांक 17-6-26 को वधू पक्ष के यहां हल्दी-मेहंदी सहित अन्य वैवाहिक रस्में पूरी की गईं। दिनांक 18-6-26 को वर पक्ष के ठहरने के लिए मिड टाउन होटल रसल चौक में कमरे भी बुक करा दिए गए थे। इसी दौरान 18-6-26 की सुबह लगभग 9:30 बजे सुमित के पिता महेन्द्र सिंह लड़की के घर पहुंचे और मांग रखी कि बारात स्वागत व द्वारचार के समय 10 लाख रुपये नकद चाहिए।
लड़की के परिवार ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई। इसके बाद दिनांक 19-6-26 को शादी की पूरी तैयारी के बीच सुमित की बहन दिव्या ने व्हाट्सएप पर बारात निकलने की बात कही, लेकिन रात 8:30 बजे तक बारात नहीं पहुंची। वर पक्ष ने फोन उठाना भी बंद कर दिया। दिनांक 20-6-26 को पीड़िता अपने भाई के साथ भोपाल स्थित सुमित के निवास पर पहुंची। वहां पूछने पर सुमित और उसके पिता ने दो टूक कहा कि जब तक 10 लाख रुपये दहेज नहीं मिलेगा तब तक शादी नहीं होगी और दोनों ने उन्हें अपमानित कर भगा दिया। पीड़िता की रिपोर्ट पर खमरिया पुलिस ने आरोपी सुमित सिंह व महेन्द्र सिंह के विरुद्ध दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3, 4 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
