जबलपुर:भरोसे की आड़ में अमानक सामग्री की आशंका, जांच में फंसे बड़े नाम

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Newzo - News Editor 9 Views
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जबलपुर। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के निर्देश पर मिलावटखोरी के विरुद्ध नगर निगम मजिस्ट्रेट और खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित गुप्ता की टीम ने मंगलवार को सघन औचक जांच अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत विजय नगर स्थित राज डेयरी, उखरी तिराहा स्थित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड तथा दीनदयाल चौक स्थित बड़कुल स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट पर दबिश दी गई। टीम ने जांच के दौरान 16 किलो पूजा घी, अमूल बटर, पनीर, सड़े हुए 100 पीस मोमोज तथा 5 किलो शेजवान चटनी के नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजे। लाइसेंस नियमों के गंभीर उल्लंघन पर बड़कुल स्वीट्स के मालिक और मैनेजर पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए, जबकि राज डेयरी पर 3000 रुपये एवं बड़कुल रेस्टोरेंट पर 10000 रुपये का जुर्माना ठोका गया।

प्रतिष्ठित ब्रांड्स और ऑनलाइन डिलीवरी पर गहराया संशय

​आम उपभोक्ताओं के बीच अपनी त्वरित सेवा और शुद्धता का दावा करने वाले संस्थानों में जब प्रशासन का औचक छापा पड़ा, तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। विजय नगर क्षेत्र में संचालित डेयरी से एकत्र किए गए दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता पर संदेह जताते हुए अधिकारियों ने विधिक प्रक्रिया पूरी की। वहीं, ऑनलाइन ग्रॉसरी आपूर्ति करने वाली बहुचर्चित कंपनी के गोदाम में ब्रांडेड घी और मक्खन के भंडारण की पड़ताल की गई। संदेह के दायरे में आए घी के पूरे स्टॉक को मौके पर ही सीज कर दिया गया, ताकि अमानक उत्पाद ग्राहकों तक न पहुंच सकें। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाली किसी भी गड़बड़ी को पकड़ने के लिए पैकेजिंग डेट, बैच नंबर और संबंधित दस्तावेजों का सूक्ष्म परीक्षण किया जा रहा है।

फफूंद लगे खाद्य पदार्थ मिलने पर कड़ी कार्रवाई

​दीनदयाल चौक के नामी मिष्ठान्न भंडार में जांच दल के प्रवेश करते ही निर्माण इकाई का भयावह दृश्य उजागर हुआ। जिस रसोई में ग्राहकों के लिए व्यंजन तैयार होते थे, वहां स्वच्छता के बुनियादी मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही थीं। डीप फ्रीजर के भीतर सड़न और काई जमी पाई गई, जिसमें रखे बासी खाद्य पदार्थ तत्काल फिंकवाकर विनिष्ट कराए गए। स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी को गंभीर अपराध मानते हुए दंडात्मक राशि वसूलने के साथ ही पुलिसिया कार्रवाई का शिकंजा कसा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राजधानी स्थित लैब से जांच परिणाम आते ही मिलावटखोरों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की सख्त धाराओं में कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।

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