
डिंडौरी। जिले के जिला अस्पताल में एक बेहद अजीबोगरीब और लापरवाही से भरा मामला सामने आया है। यहाँ इलाज के दौरान एक डॉक्टर ने जहर खाने वाले अठारह साल के मरीज सत्यम यादव को सलाइन यानी नॉर्मल सेलाइन की जगह खुलेआम लोकल ब्रांड की मिनरल वाटर की बोतल से ड्रिप लगा दी। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर भरत साहू ने अपनी जिद के आगे नर्स भावना चौधरी की बात बिल्कुल नहीं मानी और खुद अपने हाथों से मिनरल वाटर की बोतल मरीज को टांग दी। इस चौंकाने वाली हरकत को देखकर वहां मौजूद लोग और परिजन पूरी तरह से घबरा गए। किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। डर के मारे परिजन मरीज सत्यम को लेकर तुरंत अस्पताल से चले गए। शाम को करीब छह बजे जब पुलिस जांच करने के लिए जिला अस्पताल पहुँची तो सत्यम वहाँ नहीं मिला। पुलिस के काफी प्रयासों के बाद भी वह सामने नहीं आया और चर्चा उड़ी कि वह किसी प्राइवेट अस्पताल में अपना इलाज करवा रहा है। इस सनसनीखेज मामले के तूल पकड़ते ही अस्पताल प्रबंधन ने डॉक्टर और नर्स दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
अस्पताल में मिनरल वाटर से इलाज का खेल
जब सत्यम ने घर में रखी चूहा मारने की दवा खा ली तो उसकी हालत बहुत ज्यादा खराब हो गई। परिवार के लोग उसे बचाने के लिए तुरंत डिंडौरी के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहाँ डॉक्टरों ने उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर लिया। इलाज की शुरुआत में ही डॉक्टर भरत साहू ने नर्स भावना चौधरी को निर्देश दिया कि मरीज को मिनरल वाटर की ड्रिप चढ़ा दी जाए। नर्स ने ऐसा करने से साफ मना कर दिया क्योंकि मेडिकल नियमों के अनुसार यह पूरी तरह से गलत था। नर्स के मना करने के बावजूद डॉक्टर अपनी जिद पर अड़े रहे और उन्होंने खुद ही लोकल ब्रांड के पानी की बोतल से ड्रिप लगा दी। इस खतरनाक लापरवाही के कारण अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों की नींद उड़ गई। पुलिस अब सत्यम के सामने आने का इंतजार कर रही है ताकि उससे पूछताछ करके आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सके।
लापरवाही की हद पार, मरीज को लगाया पानी
अस्पताल के भीतर डॉक्टरों की ऐसी गैरजिम्मेदाराना हरकतें स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगाती हैं। डॉक्टर भरत साहू और नर्स भावना चौधरी को इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की तरफ से नोटिस थमा दिया गया है। सत्यम के गायब होने के बाद पुलिस भी उसकी तलाश में जुटी हुई है ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके। इस पूरी घटना ने सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को एक बार फिर से कटघरे में खड़ा कर दिया है जहाँ इंसानी जिंदगी के साथ इस तरह का खिलवाड़ किया जा रहा है।
