
जबलपुर। जिले के सिहोरा क्षेत्र के कन्हाई देवरी गांव में गुरुवार तड़के करीब 3:30 बजे एक जंगली सियार ने इंदिरा कॉलोनी में जमकर आतंक मचाया और घरों के भीतर घुसकर सोते हुए सात लोगों पर अचानक हमला कर उन्हें बुरी तरह काट लिया जिससे हाथ कलाई उंगली और आंख के पास गंभीर चोटें आईं और चीख-पुकार मच गई जिसके बाद जागने वाले ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से सियार को खदेड़ा और 108 एंबुलेंस की मदद से सभी सातों घायलों पुरुषोत्तम चौधरी उम्र 35 वर्ष मंजू चौधरी उम्र 46 वर्ष सुदर्शन चौधरी उम्र 45 वर्ष रमित्री चौधरी उम्र 50 वर्ष प्रीति चौधरी उम्र 30 वर्ष रूपलाल चौधरी उम्र 50 वर्ष और त्रिवेणी चौधरी उम्र 40 वर्ष को सिहोरा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी है और इस अभूतपूर्व घटना से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है क्योंकि पहली बार कोई जंगली जानवर घर के अंदर तक घुस आया है इसलिए सभी लोग अब वन विभाग से इस खतरनाक सियार को तुरंत पकड़ने और इलाके में सुरक्षा के लिए नियमित गश्त बढ़ाने की पुरजोर मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी अनहोनी से मासूम ग्रामीणों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ग्रामीणों के लाठी-डंडे लेकर दौड़ने पर सियार भागा
सिहोरा के कन्हाई देवरी गांव में गुरुवार तड़के करीब 3:30 बजे अचानक एक सियार ने इंदिरा कॉलोनी के घरों में घुसकर गहरी नींद में सो रहे लोगों पर हमला कर दिया और देखते ही देखते सात लोगों को काटकर लहूलुहान कर दिया। इस अचानक हुए हमले से गांव में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनकर जब आसपास के लोग लाठी-डंडे लेकर बाहर दौड़े तब जाकर वह जंगली जानवर मौके से भागा। इस घटना से पूरे इलाके के लोगों में भयंकर डर बैठ गया है क्योंकि जंगली जानवरों के रिहायशी इलाकों में इस प्रकार घुसकर लोगों को निशाना बनाने की यह पहली घटना है जिससे ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ गई है।
सिहोरा अस्पताल में सातों घायलों का इलाज जारी
सियार के इस खौफनाक हमले में पुरुषोत्तम चौधरी उम्र 35 वर्ष मंजू चौधरी उम्र 46 वर्ष सुदर्शन चौधरी उम्र 45 वर्ष रमित्री चौधरी उम्र 50 वर्ष प्रीति चौधरी उम्र 30 वर्ष रूपलाल चौधरी उम्र 50 वर्ष और त्रिवेणी चौधरी उम्र 40 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गए जिनके हाथ कलाई उंगली और आंख के पास गहरे जख्म बन गए। घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी सातों घायलों को तुरंत सिहोरा के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद डरे-सहमे ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से तत्काल कड़ा संज्ञान लेते हुए हमलावर सियार को पकड़ने और गांव में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
