हिंदी साहित्य को मिला 90 कविताओं का एक नया शानदार संग्रह

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Newzo - News Editor 106 Views
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आधुनिक हिंदी काव्यधारा-1 पुस्तक का ऑनलाइन लोकार्पण एवं परिचर्चा

जबलपुर। हाल ही में गूगल मीट के माध्यम से आधुनिक हिंदी काव्यधारा-1 पुस्तक का भव्य ऑनलाइन लोकार्पण एवं परिचर्चा संपन्न हुई। संपादक डॉ. सुनील परीट कर्नाटक और सह-संपादक डॉ. बी. जे. पटेल बृजेश ने देश के 11 रचनाकारों को एक मंच पर लाकर हिंदी जगत को 90 कविताओं का अनमोल तोहफा दिया है। इस काव्य संग्रह में कृष्ण कुमार गुप्ता, डॉ. बी. जे. पटेल बृजेश, गंगा प्रसाद यादव आत्रेय, डॉ. भारती वर्मा बौड़ाई, डॉ. विनय कुमार सिंघल निश्छल, डॉ. शारदा प्रसाद, चंद्र किशोर चौधरी, डॉ. सरला सिंह स्निग्धा, डॉ. सुरेंद्र लाल साहू निर्विकार, डॉ. अमीना पट्टेवाले सौदागर और डॉ. सुनील परीट शामिल हैं।

​विश्वविद्यालयों तक पुस्तक पहुँचाने पर हुआ व्यापक विचार विमर्श

​कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. सुनील परीट ने सभी रचनाकारों और अतिथियों का स्वागत किया जिसके बाद पुस्तक के प्रचार प्रसार पर विस्तृत विचार विमर्श किया गया। डॉ. बी. जे. पटेल ने विश्वविद्यालयों की हिंदी अभ्यास समितियों तक पुस्तक पहुँचाने का प्रस्ताव रखा जिसका सभी ने एक स्वर में समर्थन किया। कृष्ण कुमार गुप्ता ने स्थानीय स्कूलों और ग्रंथालयों में पुस्तक उपलब्ध कराने की बात कही जबकि गंगा प्रसाद यादव ने इस अवसर पर सुंदर कविता का पाठ किया। डॉ. भारती वर्मा बौड़ाई और डॉ. विनय कुमार सिंघल के शुभेच्छा संदेशों का वाचन किया गया। डॉ. शारदा प्रसाद, डॉ. अमीना पट्टेवाले और चंद्र किशोर चौधरी ने भी शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों में पुस्तक पहुँचाने के विचार का पूरा समर्थन किया। डॉ. सुरेंद्र लाल साहू ने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालयों में यह पुस्तक सीधे संपादक मंडल के माध्यम से भेजी जानी चाहिए।

​26 जनवरी को नया देशभक्ति संग्रह आएगा सामने

​चर्चा के दौरान डॉ. सुरेंद्र लाल साहू ने आगामी 26 जनवरी 2027 को देश भक्ति पर एक नया काव्य संग्रह प्रकाशित करने का अनूठा प्रस्ताव रखा जिसे सभी ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। संपादक मंडल ने पुस्तक के प्रसार के लिए हर संभव कदम उठाने का आश्वासन दिया ताकि यह कृति अधिक से अधिक पाठकों तक पहुँच सके। कार्यक्रम के अंत में सभी रचनाकारों को डिजिटल प्रमाण पत्र प्रदान किए गए और डॉ. सुनील परीट ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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