
डिंडौरी। जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत चटुआ में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन की छत ढलाई के दौरान बड़ा हादसा हुआ है। 9 जुलाई 2026 को हो रहे निर्माण कार्य में छत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से एक श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गया। राहत की बात यह रही कि घायल को समय रहते मलबे से बाहर निकालकर जिला चिकित्सालय उपचार के लिए भेजा गया। इस गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला प्रशासन ने निर्माण कार्य से जुड़े सहायक यंत्री आरईएस बीर सिंह तिलगाम, उपयंत्री फिरोज खान, ग्राम रोजगार सहायक अशोक चंदेल और ग्राम पंचायत चटुआ के सरपंच रामनरेश धुर्वेया को कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
निर्माण कार्य में बरती गई घोर लापरवाही
घटना के प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि छत ढलाई करने से पहले निर्माण स्थल पर तकनीकी मापदंडों का पालन नहीं किया गया। सेंटरिंग की मजबूती, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और सरिए के सही विन्यास की जांच करने में बड़ी चूक हुई है। कलेक्टर ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि यह सीधे तौर पर कर्तव्य के प्रति गंभीर उदासीनता है। घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग और तकनीकी निरीक्षण के अभाव में न केवल सरकारी धन का अपव्यय हुआ, बल्कि वहां काम कर रहे श्रमिकों की जान भी जोखिम में डाली गई। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में संबंधित अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज करना पड़ा महंगा
सामुदायिक भवन निर्माण में गुणवत्ता को लेकर बरती गई यह लापरवाही अब सभी संबंधित लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। शासन की ओर से विकास कार्यों के लिए जो दिशा-निर्देश दिए गए थे, उनका पालन न करना ही इस हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि नोटिस का जवाब मिलने के बाद कलेक्टर स्तर से क्या कदम उठाए जाते हैं। जिले में चल रहे अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच की मांग भी अब उठने लगी है ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा घटनाएं दोबारा न हों। प्रशासन की इस सख्ती से निर्माण कार्यों में जुटे अन्य अधिकारियों और ठेकेदारों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
