
जबलपुर हाईकोर्ट बना हाई सिक्योरिटी जोन, मॉक ड्रिल से परखी हाईकोर्ट की सुरक्षा
जबलपुर। उच्च न्यायालय परिसर में आज सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए एक बड़ी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय और 6वीं वाहिनी विसबल के सेनानी सिद्धार्थ चौधरी के मार्गदर्शन में यह अभ्यास शाम 16:45 बजे शुरू हुआ। इस दौरान आतंकी हमले और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों को बारीकी से जांचा गया। मॉक ड्रिल में हाईकोर्ट सुरक्षा बल, बीडीटीएस, दमकल विभाग और एंबुलेंस की संयुक्त टीमों ने हिस्सा लिया। इस महत्वपूर्ण अभ्यास में मुख्य न्यायाधिपति समेत सभी न्यायाधिपति, रजिस्ट्रार जनरल धर्मेंद्र सिंह राठौर, रजिस्ट्रार प्रशासन हर्ष सिंह बहरवार और हाईकोर्ट सुरक्षा से जुड़े अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पी.एल. परतेती, उप पुलिस अधीक्षक पंकज परमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। यह सुरक्षा रिहर्सल किसी भी संकटपूर्ण घड़ी के लिए सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता को दर्शाती है।
सुरक्षा कवच को मजबूत बनाने का सफल अभ्यास
मॉक ड्रिल के दौरान परिसर में आतंकी हमले का काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया था। इस त्वरित कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने बहादुरी का प्रदर्शन करते हुए 2 आतंकियों को मार गिराया और 3 को जीवित पकड़ने में सफलता प्राप्त की। सहायक उप निरीक्षक अजय परोचे के नेतृत्व में तैयार की गई इस कार्ययोजना में न्यायाधिपति महोदयों की सुरक्षा, कोर्ट रूम की सुरक्षा और किसी भी अनहोनी से बचाव के प्रोटोकॉल का पालन किया गया। सुरक्षा टीम ने दिखाया कि कैसे वे कठिन समय में परिसर की सुरक्षा को अभेद्य बनाए रख सकते हैं।
आपात स्थिति में जान बचाने का हुआ प्रदर्शन
बम निरोधक दस्ते यानी बीडीटीएस ने परिसर में विस्फोटक तलाशने और उसे सुरक्षित तरीके से नष्ट करने का लाइव डेमो दिया। इसके अतिरिक्त, यदि कोई व्यक्ति अचानक बीमार हो जाए या उसे हृदयाघात आ जाए, तो सीपीआर देकर उसकी जान कैसे बचाई जा सकती है, इसका भी व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। फायर ब्रिगेड ने आग लगने की स्थिति में बचाव कार्यों को अंजाम दिया। इस ड्रिल में निरीक्षक वैभव कुमार दुबे, समरेश उपाध्याय, सकुन सिंह और पंकज सिंह के साथ-साथ उच्च न्यायालय के तमाम अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल रहे। यह पूरा कार्यक्रम सुरक्षा के प्रति हाईकोर्ट प्रशासन की गंभीरता को उजागर करता है।
