किसी के गले नहीं उतर रहा नगर निगम का स्पष्टीकरण

जबलपुर। शहर के बड़े फव्वारा क्षेत्र में मंगलवार को एक बहुमंजिला व्यावसायिक भवन अचानक भरभराकर गिर गया। यह घटना इतनी भीषण थी कि मलबा चारों ओर फैल गया। गनीमत रही कि उस दिन क्षेत्र में साप्ताहिक व्यावसायिक अवकाश होने के कारण अधिकांश दुकानें बंद थीं और बाजार में लोगों की चहल-पहल बहुत कम थी। इस संयोग ने एक बड़े हादसे को टाल दिया और कोई जनहानि नहीं हुई। यदि कल का दिन मंगलवार ना होता तो निश्चित तौर पर बहुत-बहुत अमंगल घटना हो सकती थी। प्रशासन ने अब जर्जर भवनों की जांच शुरू कर दी है ताकि भविष्य में ऐसी चेतावनी भरी स्थितियों से बचा जा सके। अभी बारिश की शुरुआत है और इस हादसे ने नगर निगम को एक चेतावनी दे दी है कि यदि वो नहीं जागा तो भयंकर तस्वीरें सामने आ सकती हैं। नगर निगम की ओर से भले ही सफाई आई है कि एक अन्य मकान निर्माण होने के कारण यह भवन गिरा है लेकिन व्यावहारिक तौर पर यह तर्क बिल्कुल भी गले नहीं उतर रहा है। ऐसे भरभराकर कर कोई मकान तभी गिरता है जब उसकी बुनियादें खोखली हो चुकी हों।
बदली हुई जगह ने बचा ली कई जानें
हादसे के समय भवन के पीछे आमतौर पर भेलपुरी का ठेला लगता था, जो मंगलवार को नहीं था। ठेला संचालक के परिवार में शादी होने के कारण वह वहां नहीं आया था। वहीं, भवन के पिछले हिस्से में नींबू और भुट्टा बेचने वाली महिला ने भी अपना स्थान बदल लिया था और वह उस समय सामने की ओर बैठी थी। यदि वह अपने पुराने स्थान पर होती, तो मलबे की चपेट में आ सकती थी। साप्ताहिक अवकाश के कारण वहां लगने वाली अन्य अस्थायी दुकानें भी बंद थीं, जिससे मलबे के नीचे किसी के दबने की आशंका पूरी तरह खत्म हो गई।
प्रशासन ने सख्त घेराबंदी करके खतरा टाला
घटना के तुरंत बाद नगर निगम और स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। पूरे इलाके को चारों तरफ से घेरकर आम लोगों की आवाजाही को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। मलबा हटाने के साथ ही आसपास के जर्जर निर्माणों का तकनीकी परीक्षण शुरू कर दिया गया है। ननि अधिकारियों ने अमले से कहा कि शहर के अन्य पुराने भवनों की पहचान की जाए ताकि बारिश के इस मौसम में कोई और खतरा न बने। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि जर्जर इमारतों को खाली कराया जाए ताकि लोग सुरक्षित रहें।
निगरानी का दायरा बढ़ाकर सुरक्षा सुनिश्चित की
प्रशासन ने अब प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि यह हादसा किसी सामान्य कामकाजी दिन हुआ होता, तो जान-माल का नुकसान बहुत अधिक हो सकता था। इस पूरी घटना ने जर्जर भवनों के रखरखाव को लेकर एक बड़ी चेतावनी दी है। नगर निगम ने चेतावनी जारी की है कि यदि कोई भवन असुरक्षित पाया जाता है, तो उसे तत्काल खाली कराया जाएगा।
