
जबलपुर। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाकोशल स्वशासी अग्रणी महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना के तहत साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष सत्र में राज्य साइबर पुलिस जबलपुर की डीएसपी उमा कान्ती आर्मो ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान डीएसपी आर्मो के साथ ही श्री राज शर्मा, श्री रामनरेश त्रिपाठी एवं श्री मोहित पांडे ने विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों को ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, डिजिटल पेमेंट में बरती जाने वाली सावधानियों और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के बारे में विस्तार से समझाया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को डिजिटल दुनिया के खतरों से आगाह करना और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाना था। प्राचार्य डॉ. अलकेश चतुर्वेदी की उपस्थिति में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में साइबर अपराध से बचने के तकनीकी उपाय साझा किए गए।
साइबर ठगों से खुद को सुरक्षित कैसे रखें
मौजूदा समय में इंटरनेट का उपयोग जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराधों का जोखिम भी बढ़ गया है। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले सौ बार सोचना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान यह बताया गया कि मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करना और टू-स्टेप वेरिफिकेशन को सक्रिय रखना सुरक्षा की पहली प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को विशेष रूप से आगाह किया गया कि वे कभी भी अपनी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अजनबी के साथ फोन या मैसेज पर साझा न करें। साइबर सेल की टीम ने पोर्टल और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई अनहोनी हो जाए, तो तुरंत अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।
बदलते दौर में सतर्कता ही बचाव
कार्यक्रम संयोजक प्रो. अरुण शुक्ल ने जोर देकर कहा कि आज के तकनीकी युग में शिक्षा के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता भी बेहद अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रशासन आगे भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करेगा ताकि युवा पीढ़ी डिजिटल रूप से सशक्त बने। कार्यक्रम के अंत में एक विशेष संवाद सत्र भी रखा गया, जिसमें छात्रों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े अपने मन में उठ रहे तमाम सवालों के जवाब विशेषज्ञों से प्राप्त किए। इस दौरान डॉ. ए.सी. तिवारी, डॉ. राजीव मिश्रा, डॉ. राजेश शामकुंवर, डॉ. मलय वर्मा, डॉ. विभा चौधरी, डॉ. अजय कुमार ठाकुर, डॉ. साक्षी मरावी, डॉ. आनंद तिवारी और डॉ. मीनाक्षी मेरावी सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
