जबलपुर: अपमान की आग में जलकर विवाहिता ने दी जान

Newzo
Newzo - News Editor 58 Views
3 Min Read

जबलपुर। कैंट थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। 17 जून की शाम को 35 वर्षीय शमा परवीन ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था, जिसके बाद इलाज के दौरान नेशनल अस्पताल में उसकी मौत हो गई। मृतिका के पति जावेद घोसी की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। जांच में खुलासा हुआ कि पड़ोस में रहने वाली चाची सास नज़मा, चचेरी ननद अरीना और चचेरे देवर सद्दाम घोसी के द्वारा लगातार शमा परवीन को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इन आरोपियों द्वारा न केवल शमा परवीन पर गलत आरोप लगाए गए बल्कि उसे आत्महत्या के लिए उकसाया भी गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

मानसिक प्रताड़ना ने महिला को मौत के मुँह में धकेला

​घटना की शुरुआत 17 जून को दोपहर 12 बजे हुई थी। शमा परवीन अपने घर के सामने अतिक्रमण में हटाई गई दीवार की ईंटें हटा रही थी, जिस पर चाची सास नज़मा ने उसे रोका। बात बढ़ते ही नज़मा और उसकी बेटी अरीना ने शमा परवीन के चरित्र पर गंभीर सवाल उठाए और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस अपमान से आहत होकर शमा परवीन ने अपने पति जावेद को फोन पर पूरी बात बताई और अपनी जान देने की चेतावनी दी थी। उस समय जावेद जीसीएफ फैक्ट्री में काम कर रहा था। घर पहुंचने पर शमा उसे नहीं मिली और बाद में पता चला कि उसने जहरीली वस्तु खा ली है।

आरोपियों की संवेदनहीनता शर्मनाक

​इस पूरे मामले में चचेरे देवर सद्दाम घोसी की भूमिका बेहद संवेदनहीन रही। आरोप है कि जब शमा परवीन ने फोन पर अपनी पीड़ा व्यक्त की, तो सद्दाम ने उसे मर जाने के लिए कहा और अपमानजनक शब्द कहे। इस घटनाक्रम से शमा परवीन इतनी अधिक क्षुब्ध हो गई कि उसने आवेश में आकर जानलेवा कदम उठा लिया। पुलिस ने साक्ष्यों और बयानों के आधार पर सद्दाम घोसी, नज़मा घोसी और अरीना घोसी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। सभी आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है।

Share This Article
error: This Content is protected !!