
जबलपुर। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के तकनीकी कर्मचारियों के लिए 4 जुलाई 2026 की तारीख एक कड़वी सच्चाई लेकर आई है। तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 1988 के बाद अब वर्ष 2026 में पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह स्थिति बेहद निराशाजनक है क्योंकि इन 38 वर्षों के लंबे अंतराल में लगभग 90 प्रतिशत कर्मचारी बिना किसी पदोन्नति के सेवानिवृत हो चुके हैं। संघ के शंभू नाथ सिंह, राम केवल यादव, असलम खान, बीपी सिंह, वैदेही शरण, अजय मिश्रा, रामायण मिश्रा, मकसूद खान, अमीन अंसारी, अजय तोमर, एसके मौर्य, केएन लोखंडे, मोहन दुबे, दशरथ शर्मा, शशि उपाध्याय, अजय कश्यप, राजकुमार सैनी, विनोद दास, लखन सिंह राजपूत, इंद्रपाल सिंह और मोतीलाल बुनकर ने इस विलंब पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है।
अधिकारों के लिए दो दशकों तक चला लंबा संघर्ष
संगठन ने वर्ष 2000 से लगातार तकनीकी कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए प्रशासन को सैकड़ों पत्र लिखे और अनेक ज्ञापन सौंपे। इतने वर्षों तक चली यह लंबी लड़ाई अंततः तब जाकर रंग लाई है जब विभाग में मात्र 10 प्रतिशत नियमित तकनीकी कर्मचारी ही शेष बचे हैं। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी समय पर कार्रवाई न होना विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इतने वर्षों तक पदोन्नति न मिलने से अनुभवी कर्मचारियों का मनोबल टूटा है।
शेष कर्मचारियों को शीघ्र मिले न्याय:मांग
वर्तमान में जो स्थिति बनी है, वह काफी चिंताजनक है। तकनीकी कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने अब पुरजोर मांग की है कि कैडर में जो भी थोड़े बहुत कर्मचारी बचे हैं, उन्हें तत्काल पदोन्नति प्रदान की जाए। प्रशासनिक अधिकारियों को अब बिना किसी देरी के शेष कर्मियों के भविष्य का ध्यान रखते हुए ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि सेवा में कार्यरत लोगों को उनके करियर का वाजिब लाभ मिल सके।
