डिंडौरी दौरे पर संभागायुक्त ने कसा प्रशासनिक शिकंजा, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश


डिंडौरी। जिले के आदिवासी बहुल आकांक्षी विकासखण्ड बजाग में संभागायुक्त धनंजय सिंह ने सघन भ्रमण कर विभिन्न शासकीय योजनाओं और गतिविधियों की जमीनी हकीकत जानी। इस दौरान उन्होंने हाईस्कूल सरवाही, आयुष्मान आरोग्य मंदिर हर्रा टोला और वहां की सहकारी संस्था का निरीक्षण किया। संभागायुक्त ने सरवाही में विद्यार्थियों से संवाद कर शिक्षा की गुणवत्ता जांची और नियमित पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। हर्रा टोला में स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाइयों की उपलब्धता और खाद वितरण व्यवस्था का जायजा लिया गया। मझियाखार में उन्होंने कृषक जीतेन्द्र साहू के जैविक उद्यानिकी मॉडल को सराहा और अन्य किसानों को भी उन्नत खेती अपनाने का सुझाव दिया। ग्राम पंचायत चांडा स्थित वन्या रेडियो सेन्टर का निरीक्षण कर उन्होंने स्थानीय नवाचारों को देखा। इस दौरे में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, एसपी आशीष खरे और जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी मौजूद रहे।
हर मोर्चे पर दुरुस्त करें सरकारी सेवाओं का तंत्र
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सरवाही में आयोजित स्वास्थ्य एवं पोषण समीक्षा बैठक में संभागायुक्त ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं का 100 प्रतिशत एएनसी पंजीयन सुनिश्चित किया जाए और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, टीकाकरण एवं पोषण पुर्नवास पर पूरा ध्यान दिया जाए। एएनसी पंजीयन और टीकाकरण में सुस्त प्रगति दिखाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों के पोषण प्रबंधन के लिए प्रतिमाह कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने राजस्व प्रकरणों को समय सीमा में निपटाने और सड़क सुरक्षा के लिए ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित कर सुधार करने के आदेश दिए। पीएम आवास, जल गंगा संवर्धन, पीएम जनमन और विभिन्न निर्माण कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
छात्रों के प्रवेश और बेहतर सुविधाओं पर विशेष जोर
संभागायुक्त ने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए कहा कि जिले के सभी स्कूलों और छात्रावासों में छात्रों के नामांकन व प्रवेश को एक अभियान के रूप में चलाएं। सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी समय पर बनाना और पाठ्यपुस्तकों का वितरण सुनिश्चित करना अनिवार्य है। सीएम राइज स्कूलों के बेहतर संचालन और बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति पर सतत निगरानी रखने के आदेश दिए गए। कृषि विभाग को निर्देश दिए गए कि खाद वितरण ई-विकास प्रणाली से हो और अमानक खाद बीज बेचने वालों पर कड़ी कार्यवाही की जाए। पशुपालन, मत्स्य पालन और सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई। साथ ही छात्रावासों, आंगनवाड़ियों और स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता जांचने और पानी की टंकियों की सफाई के साथ वाटर टेस्टिंग कराने के सख्त निर्देश दिए गए।
