ऑनलाइन ठगी के लिए बिक रहे थे बैंक खाते, पुलिस ने पकड़ा एटीएम कार्ड बेचने वाला गैंग

Newzo
Newzo - News Editor 8 Views
3 Min Read

अलग-अलग राज्यों से जुड़ा है इस गिरोह का बड़ा नेटवर्क

पुलिस ने बरामद किए भारी मात्रा में एटीएम कार्ड

जबलपुर। बेलबाग इलाके में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो आम लोगों को अपना शिकार बनाकर उनके बैंक खातों से मोटी कमाई कर रहा था। बेलबाग तिराहा पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने जब एक संदिग्ध स्कूटी सवार सौरभ कुमार रजक को रोका, तो उसकी तलाशी में 10 अलग-अलग लोगों के एटीएम कार्ड और 20 हजार रुपये नगद मिले। सौरभ से कड़ाई से पूछताछ हुई तो उसने मांडवा बस्ती के रहने वाले रोहित और एक रहस्यमयी वाट्सअप संचालक नितिन 3333 का नाम उगल दिया। पुलिस ने सौरभ, रोहित और नितिन 3333 के खिलाफ धारा 318 (4), 61 (2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब इन शातिरों का नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ पाया गया है।

अवैध कमाई के लिए बिछाया था जाल

​सौरभ रजक ने पुलिस को बताया कि रोहित उसे रोज 5 से 10 एटीएम कार्ड देता था और बताता था कि किस मशीन से पैसा निकालना है या डालना है। नितिन 3333 का वाट्सअप चेक करने पर पुलिस की आंखें फटी रह गईं, उसमें हजारों लोगों के पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक डिटेल्स और पासवर्ड भरे पड़े थे। सौरभ के अपने ही 5 बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी में हो रहा था। उसके बैंक ऑफ इंडिया के खाते में मुजफ्फरपुर यूपी से शिकायत दर्ज थी, जबकि दीपक सोनी और ओंकार चौधरी के बैंक खातों पर गुजरात और राजस्थान के साइबर थानों में मुकदमे चल रहे हैं। ये गिरोह मासूमों के खाते खुलवाकर उन्हें एटीएम के साथ बेच देता था।

गिरफ्तार आरोपियों के नेटवर्क की जांच तेज

​पुलिस की इस दबिश में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष जाखड़, जितेन्द्र सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक सोनू कुर्मी और उप पुलिस अधीक्षक अंजुल अयंक मिश्रा के दिशा-निर्देशन में उप निरीक्षक विजय धुर्वे, मानसिंह बागरी, धर्माजी पवार, अनुराग सिंह एवं सायबर सेल के उप निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने अहम भूमिका निभाई है। आरोपी सौरभ रजक को कोर्ट में पेश कर पुलिस अब रिमांड लेने की तैयारी में है, ताकि रोहित और नितिन 3333 की जड़ तक पहुंचा जा सके। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के तार और भी कई बड़े साइबर अपराधियों से जुड़े हो सकते हैं।

Share This Article
error: This Content is protected !!