डिंडोरी बिजली घर में बड़ा हादसा, लाइन सुधारने के दौरान करंट की चपेट में आने से युवक बुरी तरह झुलसा

डिंडौरी। मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिला मुख्यालय पर स्थित 33/11 केवी पावर हाउस में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ आईटीआई फीडर में आई तकनीकी खराबी को ठीक करने के दौरान जोगी टिकरिया निवासी संतराम यादव नामक युवक अचानक तेज करंट की चपेट में आ गया। करंट का झटका इतना जोरदार था कि युवक गंभीर रूप से झुलस गया और गिरने के कारण उसके सिर में भी गंभीर चोट आई है। घटना के तुरंत बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों ने घायल को जिला अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर कर दिया है। इस गंभीर लापरवाही को लेकर बिजली विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर राजेश धुर्वे ने मामले की विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटा प्रशासन
इस पूरे मामले में बिजली कंपनी के आला अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच टीम का गठन कर दिया है। सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर राजेश धुर्वे के मुताबिक तकनीकी खराबी को दूर करने के लिए केवल अधिकृत आउटसोर्स लाइनमैन नमो उद्दे को ही भेजा गया था। विभाग अब इस मुख्य बिंदु पर बारीकी से तफ्तीश कर रहा है कि लाइनमैन के साथ एक बाहरी और निजी व्यक्ति संतराम यादव पावर हाउस के प्रतिबंधित और बेहद संवेदनशील परिसर के अंदर कैसे दाखिल हुआ। किसकी अनुमति या लापरवाही से उसे बिजली घर के अंदर प्रवेश मिला, इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
लाइनमैन से पूछताछ, लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी
हादसे की वास्तविक वजह जानने के लिए ड्यूटी पर तैनात लाइनमैन नमो उद्दे से विभाग के वरिष्ठ अधिकारी लगातार पूछताछ कर रहे हैं। बिजली घर के भीतर सुरक्षा मानकों की अनदेखी और बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी को लेकर पूरी घटनाक्रम का विवरण जुटाया जा रहा है। अधिकारियों का साफ कहना है कि बिजली जैसे संवेदनशील कार्य में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच दल की विस्तृत रिपोर्ट सामने आते ही इस हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
