लंबे समय से लंबित मांगों से कर्मचारी परेशान

जबलपुर। मध्य प्रदेश के 6 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत 12 हजार से ज्यादा कर्मचारी अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर लामबंद हो गए हैं। इस आंदोलन की शुरुआत करते हुए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने जबलपुर स्थित मेडिकल कॉलेज के डीन कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी सहित अजय दुबे, सुनीला ईशादीन, मंजू पटेल, रमेश उपाध्याय, साहिल सिद्दीकी, घनश्याम पटेल, गोपाल नेमा, दिलीप श्रीवास्तव और जगभान सिंह ठाकुर प्रमुख रूप से मौजूद रहे। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर डीन के माध्यम से प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों का मुख्य मुद्दा 1680 स्वशासी कर्मचारियों के लिए अब तक यूनिक एंप्लॉय कोड जारी न होना, वेतन निर्धारण में देरी और सेवा पुस्तिका संधारण व पदोन्नति का लंबित होना है।
अधिकारों के लिए सड़क पर उतरेंगे सभी कर्मचारी
प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत ये 12 हजार कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर विभाग के चक्कर काट रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी ये मांगें पूरी तरह से जायज और उनके हित में हैं। ज्ञापन सौंपने के बाद कर्मचारियों ने प्रबंधन को चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन के अगले चरण में उग्र प्रदर्शन करेंगे। कर्मचारियों का सीधा आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी पदोन्नति और वेतन संबंधित समस्याओं का निराकरण नहीं किया जा रहा है। इसी आक्रोश के चलते अब सभी कर्मचारी आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में हैं और उन्होंने अपनी आगामी रणनीति तैयार कर ली है।
लंबित मांगों को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा
कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। आने वाले दिनों में यह आंदोलन प्रदेश के अन्य जिलों में भी फैल सकता है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है। सरकार और विभाग को अब जल्द ही इन 12 हजार कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान ढूंढना होगा, ताकि मरीजों को होने वाली असुविधा से बचाया जा सके। फिलहाल कर्मचारी अपने ज्ञापन पर विभाग की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।
