
जेडीए की बड़ी बैठक: समय सीमा में पूरे होंगे मास्टर प्लान के विकास कार्य, अध्यक्ष के कड़े निर्देश
जबलपुर। जबलपुर विकास प्राधिकरण के कार्यालय में अध्यक्ष संदीप जैन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में जेडीए उपाध्यक्ष प्रशांत केसरवानी, मुख्य कार्यपालिक अधिकारी दीपक वैद्य, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, वित्त अधिकारी और सम्पदाधिकारी सहित सभी प्रमुख विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के दौरान मुख्य कार्यपालिक अधिकारी दीपक वैद्य ने प्राधिकरण के बजट, वर्तमान ढांचे, संपत्तियों के विवरण और जारी विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने विशेष रूप से जानकारी दी कि योजना क्रमांक 64 और 65 के तहत निर्माणाधीन एस.आर.-3 मार्ग का निर्माण कार्य आगामी जुलाई माह तक पूरा कर लिया जाएगा, जिससे जनता के लिए आवागमन सुलभ हो सकेगा। इसके अतिरिक्त, नवीन योजना टी.डी.एस.-2 में आकार ले रहे एस.आर.-2 मार्ग और विभिन्न आवासीय व व्यावसायिक परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई। अध्यक्ष संदीप जैन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मास्टर प्लान के अनुरूप शहर का सुनियोजित, समन्वित और समयबद्ध विकास करना प्राधिकरण का मुख्य लक्ष्य है और सभी योजनाओं को तय समयसीमा, उच्च सुरक्षा मानकों व गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
सड़कों का जाल व यातायात सुधार की रणनीति
शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए जेडीए अध्यक्ष ने प्रमुख मार्गों के निर्माण को गति देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एस.आर.-3 मार्ग का काम निर्धारित अवधि में पूरा किया जाए, साथ ही योजना क्रमांक 64 और 65 के संपूर्ण विकास के लिए सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी कर आंतरिक निर्माण कार्य भी समान अनुपात में शुरू किए जाएं। इसके साथ ही, पाटन बाईपास के समीप जुड़ने वाले एस.आर.-2 मार्ग के काम में भी तेजी लाने के लिए कहा गया है। इस नए मार्ग के शुरू होने से न केवल शहर के नागरिकों को आने-जाने के लिए एक बेहतर वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध होगा, बल्कि दीनदयाल चौक पर प्रतिदिन लगने वाले भारी वाहनों के जाम और यातायात के दबाव से भी बड़ी राहत मिलेगी।
रेरा अनुमति और भूमिस्वामियों का बढ़ता भरोसा
प्राधिकरण द्वारा बनाए जा रहे आवासीय और व्यावसायिक परिसरों को लेकर भी बैठक में कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए। अध्यक्ष ने कहा कि जो भी प्रोजेक्ट्स अभी निर्माणाधीन हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाए और आम जनता के लिए बिक्री प्रक्रिया शुरू करने से पहले रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी यानी रेरा से आवश्यक अनुमति व सभी वैधानिक स्वीकृतियां नियमानुसार हासिल की जाएं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सरकारी मंशा के अनुसार जनकल्याणकारी योजनाओं को समय पर पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है। जब विकास कार्य धरातल पर समय पर दिखेंगे, तो इसका एक बड़ा लाभ यह होगा कि क्षेत्र के भूमिस्वामी भी अपनी जमीनें विकास योजनाओं के लिए सौंपने में प्राधिकरण को आगे बढ़कर सहयोग देंगे। इसके लिए अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में सुधार कर पूरी इच्छाशक्ति के साथ काम करने को कहा गया है।
गिरता भूजल स्तर और एनओसी के लिए नई व्यवस्था
जबलपुर में बढ़ती गर्मी और पर्यावरण असंतुलन की चुनौती से निपटने के लिए जेडीए ने एक बड़ा नीतिगत कदम उठाया है। बैठक में अध्यक्ष संदीप जैन ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बिगड़ते वाटर लेवल के कारण लोग भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं, इसलिए जल संरक्षण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि जेडीए की योजनाओं में रहने वाले नागरिकों की इस कार्य में भागीदारी तय की जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें तकनीकी सहायता भी दी जाए। पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए अब प्राधिकरण की आवासीय व व्यावसायिक योजनाओं में रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस प्रणाली को स्थापित किए बिना अब किसी भी भवन या प्रोजेक्ट को जेडीए की तरफ से अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एन.ओ.सी. जारी नहीं किया जाएगा।
शासकीय शिष्टाचार व स्वच्छता की सीख
बैठक के अंतिम चरण में जनसेवा और शहर के सौंदर्यीकरण पर विशेष चर्चा हुई। अध्यक्ष ने अधिकारियों को याद दिलाया कि वे जनता की सेवा से जुड़े एक जिम्मेदार विभाग का हिस्सा हैं। इसलिए कार्यालय में आने वाले हर नागरिक और आगंतुक के साथ सामान्य शिष्टाचार का पालन करते हुए शालीन व्यवहार किया जाए और उनके कार्यों को समय पर पूरा कर राहत पहुंचाई जाए। इसके अलावा, बैठक में उपस्थित इंजीनियरों को निर्देश दिए गए कि वे शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र ‘सिविक सेंटर’ क्षेत्र को अधिक सुव्यवस्थित, साफ-सुथरा और स्वच्छ बनाए रखने के लिए निरंतर जमीनी प्रयास करें। बैठक के अंत में उपाध्यक्ष प्रशांत केसरवानी ने भी अधिकारियों को सुझाव दिया कि भविष्य की योजनाएं इस सटीक प्लानिंग के साथ बनाई जाएं ताकि वे कागजों से निकलकर निश्चित समय के भीतर धरातल पर साकार रूप ले सकें।
