परीक्षा धांधली के खिलाफ भारतीय कॉकरोच पार्टी का हल्लाबोल, हरियाणा में कई नेता हिरासत में

नई दिल्ली। रोहतक में शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी के दिल्ली में होने वाले राष्ट्रीय प्रदर्शन को लेकर भारी हंगामा खड़ा हो गया। अमेरिका से सुबह 7:45 बजे दिल्ली लौटे पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन के मद्देनजर हरियाणा पुलिस ने दिल्ली-रोहतक बॉर्डर पर जबरदस्त नाकेबंदी कर दी है। जंतर-मंतर पर नीट-यूजी, सीबीएसई, सीयूएट और एसएससी-जीडी परीक्षाओं में हुई धांधलियों के विरोध तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर युवा दिल्ली कूच कर रहे थे। इसी बीच रोहतक जिला परिषद के सदस्य जयदेव डागर को पुलिस ने सांपला में नेशनल हाईवे पर गाड़ी रुकवाकर उनके साथियों सहित हिरासत में ले लिया, जिससे पुलिस के साथ तीखी बहस हुई। दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई के प्रदेशाध्यक्ष दीपक धनखड़ सुबह 6:30 बजे पुलिस को चकमा देकर दिल्ली निकल गए, जबकि पुलिस सुबह 7 बजे उनके घर दबिश देने पहुंची थी। वहीं भारतीय किसान यूनियन चढूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने हरिद्वार में 6 से 8 जून तक चलने वाले पूर्व निर्धारित राष्ट्रीय चिंतन शिविर के कारण खुद न जाने लेकिन अपने साथियों को इस प्रदर्शन में भेजने और समर्थन देने की घोषणा की है।
दिल्ली सीमा पर नाकेबंदी और धरपकड़ का दौर
हरियाणा के विभिन्न जिलों से दिल्ली की तरफ बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दिया। सांपला राष्ट्रीय राजमार्ग पर जयदेव डागर और उनके समर्थकों की गाड़ियों को अचानक घेरकर रोक दिया गया। इस दौरान युवाओं और पुलिस बल के बीच तीखी नोकझोंक हुई, लेकिन पुलिस ने किसी की एक न सुनी और सभी को गाड़ियों से उतारकर सीधे थाने भेज दिया। पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को किसी भी हाल में दिल्ली की सीमा में प्रवेश करने से रोकना है, ताकि राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।
छात्र संगठनों और किसान नेताओं का मिला बड़ा समर्थन
इस आंदोलन को लेकर युवाओं और छात्र नेताओं में भारी जोश देखा जा रहा है। आम आदमी पार्टी की छात्र विंग के मुखिया दीपक धनखड़ पुलिस के पहुंचने से महज आधा घंटा पहले ही दिल्ली के लिए रवाना होने में कामयाब रहे, जिसके बाद पुलिस टीम उनके घर पर ही डेरा जमाए बैठी रही। उधर किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर इस आंदोलन को अपना नैतिक समर्थन दिया है। हालांकि उनका हरिद्वार में पहले से कार्यक्रम तय था, फिर भी उनकी यूनियन के तमाम कार्यकर्ता इस देशव्यापी छात्र आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
नीट पेपर लीक मामले में इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष
यह पूरा विवाद राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली परीक्षाओं की साख से जुड़ा हुआ है। जिला परिषद सदस्य जयदेव डागर ने इससे पहले 22 मई को भी जिला उपायुक्त के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपा था और वे इस क्षेत्र में इस आंदोलन की अलख जगाने वाले पहले व्यक्ति बने थे। आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है और जब तक इस्तीफा नहीं होता, यह देशव्यापी विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
