पहले 50 रुपये का ‘शगुन’ देकर फंसाते हैं, फिर लाखों का चूना लगाकर रफूचक्कर हो जाते हैं

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Newzo - News Editor 14 Views
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डिजिटल टास्क पूरा करके घर बैठे रोज हजारों की कमाई का दावा पूरी तरह फर्जी, रहें सचेत

भोपाल। भोपाल की तकनीकी अपराध शाखा ने इंटरनेट के माध्यम से घर बैठे मोटी रकम कमाने के चक्कर में फंस रहे नागरिकों के लिए एक नया सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। आजकल शहर के भीतर यूट्यूब वीडियो देखने, विज्ञापन लाइक करने, गूगल मैप्स पर रेटिंग देने या सोशल मीडिया रील आगे बढ़ाने जैसे आसान कामों के बदले रोजाना 2000 से 5000 रुपये का लालच देने वाले रैकेट बहुत सक्रिय हैं। वॉट्सऐप और टेलीग्राम ऐप पर अज्ञात नंबरों से भेजे जा रहे ये आकर्षक ऑफर्स असल में बैंक खातों में जमा राशि उड़ाने का सोची-समझी डिजिटल साजिश हैं। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए जांच दल ने जनता को सावधान रहने और किसी भी अनजान लिंक को न खोलने के निर्देश दिए हैं।

छोटे पैसों का पहला लालच देकर फंसाने की रणनीति

इंटरनेट पर सक्रिय लोगों को निशाना बनाने के लिए अपराधी पहले अंशकालिक नौकरी का विज्ञापन दिखाते हैं। जालसाज शुरुआत में बेहद आसान काम देते हैं, जिसमें केवल दिए गए लिंक को खोलकर वीडियो को पसंद करना होता है। जब कोई पीड़ित पहली बार इस टास्क को पूरा करता है, तो उसका विश्वास जीतने के लिए उसके खाते में तुरंत 50, 100 या 200 रुपये ट्रांसफर कर दिए जाते हैं। यह छोटी रकम केवल इसलिए भेजी जाती है ताकि पीड़ित को यह काम पूरी तरह असली और सुरक्षित लगने लगे और वह आगे बड़े कदम उठाने को तैयार हो जाए।

बड़ा निवेश कराने के बाद संपर्क कट करने का खेल

जैसे ही पीड़ित का भरोसा पूरी तरह जम जाता है, ठग असली खेल शुरू करते हैं। इसके बाद वे पीड़ित को अधिक मुनाफे वाले विशेष वीआईपी ग्रुप या क्रिप्टो करेंसी की फर्जी योजनाओं में निवेश करने के लिए उकसाते हैं। ज्यादा कमाने की होड़ में लोग पंजीकरण फीस या अग्रिम टैक्स के नाम पर हजारों और लाखों रुपये अपराधियों के बताए खातों में जमा कर देते हैं। एक बार जब बड़ी रकम ट्रांसफर हो जाती है, तो ठग पीड़ित को तुरंत ब्लॉक कर देते हैं और ग्रुप से बाहर निकाल देते हैं।

साइबर सुरक्षा एजेंसी द्वारा जारी की गई जरूरी गाइडलाइन

इस प्रकार की ऑनलाइन लूटपाट से सुरक्षित रहने के लिए जांच टीम ने कुछ कड़े नियम जारी किए हैं। किसी भी अनजान माध्यम से मिलने वाले पार्ट-टाइम नौकरी के दावों पर कभी भरोसा न करें। यदि कोई भी ऑनलाइन एजेंसी काम देने के बदले पहले पैसों की मांग करती है या किसी भी तरह का सुरक्षा डिपॉजिट मांगती है, तो तुरंत सचेत हो जाएं। कोई भी प्रामाणिक और कानूनी रूप से काम करने वाली संस्था अपने कर्मचारियों से कभी भी काम शुरू करने के लिए एडवांस पैसे नहीं मांगती।

खाता सुरक्षित रखने और शिकायत दर्ज कराने के उपाय

सुरक्षा के लिहाज से अपने बैंक खाते की जानकारी, यूपीआई पिन, एटीएम का सीक्रेट नंबर, पासवर्ड या मोबाइल पर आने वाले ओटीपी को कभी भी किसी अनजान व्यक्ति को न बताएं। यदि कोई नागरिक इस प्रकार की जालसाजी का शिकार हो जाता है, तो उसे बिना देरी किए सबसे पहले राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर फोन करके सूचना देनी चाहिए। इसके अतिरिक्त पीड़ित व्यक्ति को केंद्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी शिकायत को विस्तार से दर्ज कराना चाहिए ताकि समय रहते सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

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