

राष्ट्रपति के आगमन से रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में उत्सव का माहौल, 36वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में
जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय का 36वां दीक्षांत समारोह इस बार बेहद ऐतिहासिक होने जा रहा है, क्योंकि लगभग 20 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद देश की राष्ट्रपति का आगमन परिसर में हो रहा है। भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रस्तावित आगमन को देखते हुए विश्वविद्यालय को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। इस भव्य और गरिमामय समारोह में मध्य प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगू भाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार सहित कई जनप्रतिनिधि व शिक्षाविद शामिल होंगे। कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा और कुलसचिव डॉ. रविशंकर सोनवाल के कुशल निर्देशन में सुरक्षा, यातायात और अतिथि सत्कार की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
वीवीआईपी आगमन को लेकर सुरक्षा और सौंदर्यीकरण पर विशेष फोकस
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और विश्वविद्यालय प्रबंधन के बीच लगातार तालमेल बिठाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया है और सुरक्षा मानकों के तहत कड़े प्रबंध किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय के मुख्य भवनों, प्रवेश द्वारों और आयोजन स्थल पर आकर्षक रंग-रोगन, लाइटिंग तथा बगीचों को संवारने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। इसके साथ ही परिसर की सड़कों की मरम्मत, स्वच्छता अभियान और आगंतुकों की सुविधा के लिए नए संकेतक बोर्ड लगाए जा रहे हैं ताकि किसी को परेशानी न हो।
विशिष्ट अतिथियों का स्वागत की व्यवस्था
इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक उत्सव में विभिन्न संकायों के मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए उपाधियां और स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। इस बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए अतिथियों के ठहरने, भोजन और परिवहन की बेहद सूक्ष्म प्लानिंग की गई है। कुलगुरु प्रो. वर्मा के अनुसार यह आयोजन विद्यार्थियों के जीवन का सबसे अनमोल क्षण है, इसलिए हर व्यवस्था को समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जा रहा है ताकि विश्वविद्यालय की गरिमा के अनुरूप कार्यक्रम संपन्न हो सके।
विभिन्न समितियों के कामकाज की समीक्षा, जिम्मेदारी का बंटवारा
समारोह को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए गठित की गई विभिन्न समितियों की बैठकों का दौर जारी है। दीक्षांत समिति के संयोजक प्रो. एसएस संधू और प्रो. राकेश बाजपेयी ने मंच व्यवस्था, पदक वितरण, प्रेस-मीडिया, स्मारिका, वित्त, पेयजल, चिकित्सा और बैठक व्यवस्था जैसी महत्वपूर्ण समितियों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की है। सभी समिति अध्यक्षों को पूरी जिम्मेदारी और आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि दीक्षांत समारोह संस्थान के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो सके।
