वाह रे विकास! गांव वालों को सड़क तो दी, पर मवेशियों का पानी छीन लिया

Newzo
Newzo - News Editor 19 Views
3 Min Read

डिंडौरी के गन्नागुड़ा में सड़क निर्माण की भेंट चढ़ा सदियों पुराना तालाब

राष्ट्रीय राजमार्ग 45 के काम ने छीना गन्नागुड़ा गांव का जल स्रोत

    डिंडौरी। मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले में विकास योजनाओं के कारण एक प्राचीन जल स्रोत का अस्तित्व समाप्त होने का मामला सामने आया है। बजाग जनपद क्षेत्र के गन्नागुड़ा गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग 45 के निर्माण के दौरान भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा बरती गई लापरवाही के चलते वर्षों पुराना एक ऐतिहासिक तालाब पूरी तरह सूख चुका है। स्थानीय ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि सड़क निर्माण के समय ठेकेदार और जिम्मेदारों ने तालाब में पानी आने वाले मुख्य प्राकृतिक मार्ग को ही बंद कर दिया। इस वजह से पर्याप्त बारिश होने के बाद भी पानी तालाब तक नहीं पहुंच पाया और आज वहां केवल सूखी मिट्टी बची है। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद बजाग तहसीलदार भरतप्रताप सिंह वट्टे ने पटवारी से जांच रिपोर्ट मांगी है।

    ​सड़क निर्माण से रुका पानी का प्राकृतिक बहाव

    ​इस पूरे मामले में ग्राम पंचायत गन्नागुड़ा के सरपंच सहित समस्त ग्रामीणों ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यह प्राचीन तालाब गांव के लोगों और मवेशियों की पानी की जरूरतों को पूरा करने का एकमात्र मुख्य जरिया था। राष्ट्रीय राजमार्ग 45 के निर्माण के दौरान जल प्लावन मार्ग को बिना सोचे-समझे अवरुद्ध कर दिया गया, जिससे तालाब का जल स्तर शून्य हो गया है। पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस प्राकृतिक जल मार्ग को तुरंत साफ करवाकर दोबारा चालू किया जाए ताकि आने वाले समय में तालाब में पानी का संचय हो सके।

    ​प्रशासनिक जांच शुरू कार्रवाई का आश्वासन

    ​ग्रामीणों की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए राजस्व विभाग सक्रिय हुआ है। बजाग तहसीलदार भरतप्रताप सिंह वट्टे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित हल्के के पटवारी को मौके पर जाकर निरीक्षण करने और विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। तहसीलदार का कहना है कि पटवारी की जांच रिपोर्ट सामने आने के तत्काल बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों और संबंधित निर्माण एजेंसी को नोटिस जारी किया जाएगा। प्रशासन का दावा है कि जांच के आधार पर दोषी पक्ष के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जल मार्ग को बहाल करने के प्रयास किए जाएंगे।

    Share This Article
    error: This Content is protected !!