
ज़बलपुर। महाकौशल अंचल के एक बेहद रसूखदार और मजबूत पकड़ वाले भाजपा नेता इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर दिल्ली से लेकर भोपाल तक के सियासी गलियारों में भारी चर्चा का विषय बने हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मध्य प्रदेश संगठन से इस बड़े नेता की दो पत्नियों के होने के दावों पर एक गोपनीय और पुख्ता रिपोर्ट मांगी है। इस पूरे मामले की सुगबुगाहट तब तेज हुई जब यह बात सामने आई कि नेताजी ने हाल ही में प्रदेश के एक बड़े महानगर में अपनी दूसरी पत्नी के नाम पर करोड़ों रुपए का एक आलीशान बंगला खरीदा है, जो अब तक सियासी परदे के पीछे छिपा हुआ एक बड़ा राज था। इस संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामले की भनक लगते ही जबलपुर सहित पूरे महाकौशल संभाग के भाजपा के अंदरूनी व्हाट्सएप ग्रुपों और राजनीतिक हलकों में जबरदस्त हलचल मच गई है, जहां नेताजी, उनकी पहली पत्नी और गोपनीय रखी गई दूसरी पत्नी के असली नामों को लेकर दबी जुबान से कयासों का दौर बेहद तेज हो गया है।
दिल्ली दरबार की सख्ती से प्रदेश भाजपा संगठन में भारी हड़कंप
केंद्रीय संगठन ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। दिल्ली से आए सीधे निर्देश के बाद प्रदेश भाजपा के आला नेता अब इस बात की अंदरूनी पड़ताल में जुट गए हैं कि महाकौशल के इस दिग्गज चेहरे की दो शादियों की सच्चाई क्या है। संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों को जल्द से जल्द इस मामले की पूरी हकीकत से जुड़ी रिपोर्ट तैयार करके आलाकमान को सौंपने के लिए कहा गया है। इस औचक जांच के आदेश ने प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा भूचाल ला दिया है।
महानगर में खरीदे गए करोड़ों के आलीशान बंगले से खुला बड़ा राज
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत मध्य प्रदेश के एक बड़े और विकसित शहर में हुई करोड़ों रुपए की एक प्रॉपर्टी डील से जोड़ी जा रही है। बताया जा रहा है कि नेताजी ने अपनी इस कथित दूसरी पत्नी के नाम पर एक बेहद महंगा और आलीशान बंगला खरीदा था। इस बड़ी संपत्ति की रजिस्ट्री और वित्तीय लेन-देन की भनक जैसे ही कुछ विरोधियों को लगी, यह गोपनीय जानकारी धीरे-धीरे तैरती हुई पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गई, जिसने अब विवाद का रूप ले लिया है।
जबलपुर के सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों में कयासों का दौर तेज
संस्कारधानी जबलपुर के राजनीतिक हलकों और विशेषकर सत्ताधारी दल के अंदरूनी व्हाट्सएप ग्रुपों में यह खबर इस समय सबसे बड़ी सुर्खी बनी हुई है। हालांकि पार्टी का कोई भी छोटा या बड़ा पदाधिकारी इस विषय पर खुलकर कुछ भी बोलने से पूरी तरह बच रहा है, लेकिन बंद कमरों में और सोशल मीडिया के बंद समूहों में नेताजी के नाम को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हर कोई उस रसूखदार नाम को जानने के लिए बेहद उत्सुक नजर आ रहा है।
आने वाले दिनों में बड़े सियासी खुलासे के साथ बदलेंगे समीकरण
पार्टी के भीतर चल रही इस आंतरिक जांच की प्रक्रिया आने वाले समय में महाकौशल की राजनीति को एक नया मोड़ दे सकती है। जैसे ही संगठन की यह गोपनीय रिपोर्ट दिल्ली पहुंचेगी, उसके बाद इस रसूखदार चेहरे और उनकी दोनों पत्नियों के नामों का आधिकारिक या अनौपचारिक तौर पर पूरी तरह खुलासा होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। इस मामले के पटाक्षेप के बाद अंचल की राजनीति में बड़े उलटफेर की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
