ग्वालियर के 2.41 करोड़ के ‘इंतजाम’ और सिवनी के डूबे पुल पर भारी पड़ी एक याचिका,कोर्ट ने बदला ऑर्डर

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Newzo - News Editor 7 Views
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दागी को कमान देने पर हाईकोर्ट सख्त, पीडब्ल्यूडी ब्रिज जोन के चीफ इंजीनियर का प्रभार आदेश निरस्त

जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के जस्टिस विवेक कुमार सिंह की एकल पीठ ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए भोपाल लोक निर्माण विभाग यानी पीडब्ल्यूडी ब्रिज जोन के प्रभारी चीफ इंजीनियर संजय कुमार मस्के को जिम्मेदारी सौंपने वाले सरकारी आदेश को पूरी तरह निरस्त कर दिया है। अदालत ने इस मामले में साफ-सुथरी छवि के अधिकारी को कमान सौंपने के कड़े निर्देश दिए हैं। यह पूरी कानूनी कार्रवाई पूर्व प्रभारी चीफ इंजीनियर पीसी वर्मा की याचिका पर हुई है, जिन्हें 29 अप्रैल 2026 को हटाकर उनके स्थान पर संजय कुमार मस्के को नियुक्त किया गया था। संजय कुमार मस्के पर सिवनी में बैनगंगा नदी का सबमर्शिबल पुल ढहने और ग्वालियर के 1000 बिस्तर वाले अस्पताल निर्माण में 2.41 करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप हैं, जिनकी जांच जारी है।

अदालत की सख्त टिप्पणी

हाईकोर्ट की एकल पीठ ने इस नियुक्ति पर बेहद कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। अदालत ने कहा कि जिस अधिकारी के खिलाफ खुद चार्जशीट यानी आरोप पत्र तैयार करने की जिम्मेदारी विभाग की है, उसी को पूरे दफ्तर की कमान सौंप देना किसी भी तरह से प्रशासनिक नियमों के अनुकूल नहीं माना जा सकता है।

प्रमुख सचिव को कड़े निर्देश

न्यायालय ने इस मामले में विभाग के ऊंचे स्तर पर सुधार करने की बात कही है। उच्च न्यायालय ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव को स्पष्ट आदेश दिया है कि भोपाल ब्रिज जोन के मुख्य अभियंता का प्रभार अब केवल ऐसे व्यक्ति को दिया जाए जिसका पूरा सेवा रिकॉर्ड बिल्कुल बेदाग हो और जो इस पद के लिए पूरी योग्यता रखता हो।

याचिकाकर्ता की दलीलें

इस मामले की शुरुआत हटाने के प्रशासनिक फैसले से हुई थी। याचिकाकर्ता पीसी वर्मा को सरकार ने जुलाई 2025 में इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन अचानक एक आदेश जारी करके उन्हें पद से मुक्त कर दिया गया था, जिसे उन्होंने अदालत में चुनौती दी थी। जिस नए अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई थी उनका पिछला रिकॉर्ड विवादों में रहा है। कोर्ट ने उन तथ्यों को सही पाया जिनमें कहा गया था कि संबंधित अधिकारी के कार्यकाल में ग्वालियर में 2.41 करोड़ रुपए का बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया था और पुल गिरने की घटना भी हुई थी।

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