

जबलपुर। जबलपुर में बिजली चोरी के मामलों को लेकर विद्युत विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक स्तर पर लाइन काटने की मुहिम शुरू की है। अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा के नेतृत्व में प्रतिकूल मौसम और तेज बारिश के बावजूद 35 से अधिक अधिकारी अपनी टीमों के साथ शहर के विभिन्न इलाकों में कार्रवाई के लिए उतरे। इस दौरान विभाग ने गौतम मढ़िया निवासी तुलसीराम काछी का विद्युत कनेक्शन सीधे खंभे से काट दिया। इस उपभोक्ता पर 27.05.2026 को पंचनामा बनाकर बिजली चोरी का केस दर्ज किया गया था, जिसके साक्ष्य विभाग के पास मौजूद हैं। इसके बावजूद संबंधित व्यक्ति ने कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में अधिकारियों पर अनैतिक राशि मांगने का झूठा आरोप लगाया था। उस पर 38000 रुपये का जुर्माना बकाया था।
शहर में 20 करोड़ की पेनाल्टी बाकी
विभागीय नियमों के तहत चोरी पकड़े जाने पर तुरंत विद्युत आपूर्ति बंद करने का प्रावधान रहता है, लेकिन उपभोक्ताओं को दांडिक भुगतान हेतु 1 से डेढ़ माह की मोहलत दी जाती है। हर 3 माह में लगने वाली लोक अदालत में छूट मिलने के बाद भी लोग बकाया राशि भरने में लापरवाही बरत रहे थे। इसी वजह से केवल जबलपुर शहर में ही 20 करोड़ से अधिक की देनदारी जमा हो चुकी है। इस बार 5000 रुपये से अधिक की पेनल्टी वाले 8680 बकायेदारों को चिन्हित किया गया है। इनमें दक्षिण संभाग के 2686, पूर्व क्षेत्र के 2424, उत्तर संभाग के 2023, विजय नगर संभाग के 1109 तथा पश्चिम संभाग के 438 उपभोक्ता शामिल हैं।
सीधे खंभे से कनेक्शन किये गए कट
अक्सर मीटर से लाइन काटने के बाद लोग स्वयं तार जोड़ लेते थे, जिसे रोकने के लिए जांच दलों को विशेष सीढ़ी वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। टीम ने सीधे खंभे पर चढ़कर केबल अलग करने की रणनीति अपनाई है। बुधवार को की गई इस कड़ी कार्रवाई के दौरान 512 डिफाल्टरों की बिजली खंभे से विच्छेदित की गई। विभाग की इस सख्त नाकेबंदी का असर तुरंत देखने को मिला, जहां घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक श्रेणी के 107 उपभोक्ताओं ने मौके पर ही 29 लाख रुपये का राजस्व जमा कराया।
अगस्त में विशेष अदालत भेजे जाएंगे केस
जुर्माना न चुकाने वाले शेष उपभोक्ताओं के खिलाफ आगामी दिनों में और भी कड़ा रुख अपनाया जाएगा। यदि तय समय सीमा के भीतर दांडिक राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो विभाग इन सभी प्रकरणों को अगस्त माह में विशेष न्यायालय में दायर करेगा। अधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर दिए गए हैं, ताकि राजस्व की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित की जा सके।
