गायजेक और खेलब्रो के वित्तीय साम्राज्य पर कानूनी हथौड़ा, जीएसटी के छापे में खुल गया राज

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Newzo - News Editor 22 Views
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ऑनलाइन गेमिंग के बड़े नेटवर्क पर केंद्रीय टीम का शिकंजा

जबलपुर। ​केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर जबलपुर की एंटी एवीजन ब्यूरो टीम ने सतना के पुष्करणी पार्क क्षेत्र में देर रात अचानक धावा बोलकर ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी 3 प्रमुख फर्मों का भंडाफोड़ किया। एक ही पते से संचालित हो रही इन कंपनियों- गायजेक प्राइवेट लिमिटेड, खेलब्रो प्राइवेट लिमिटेड और स्किलब्रो प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई की गई है। इन तीनों ही कंपनियों का मालिकाना हक एक ही निदेशक मंडल के पास था, जो इंटरनेट गेमिंग के जरिए रोजाना करोड़ों रुपए का संदिग्ध वित्तीय लेन-देन कर रहे थे। शुरुआती जांच में विभाग ने करीब 300 करोड़ रुपए की भारी टैक्स चोरी पकड़ी है, जिसमें से 1 करोड़ रुपए की राशि अधिकारियों ने मौके पर ही संचालकों से सरकारी खजाने में जमा करवा ली है।

​गुपचुप तरीके से हुई इस छापामार कार्रवाई से खलबली

​जबलपुर मुख्यालय से आए 6 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों की इस विशेष टीम ने पूरी योजना को इतना गोपनीय रखा कि सतना स्थित स्थानीय सीजीएसटी दफ्तर को इसकी भनक तक नहीं लगने दी। अधिकारियों ने सीधे मौके पर पहुंचकर जीएसटी अधिनियम की धारा 67 के तहत वैधानिक छानबीन शुरू की और कंपनियों के कंप्यूटर हार्ड डिस्क, सर्वर डेटा सहित व्यापार से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया। कार्रवाई पूरी होने के बाद टीम सभी जब्त डिजिटल साक्ष्यों और फाइलों को सुरक्षित तरीके से अपने साथ जबलपुर मुख्यालय ले गई है। विभाग के वित्तीय विशेषज्ञों द्वारा इन सभी दस्तावेजों की बारीकी से स्क्रूटनी की जा रही है ताकि ऑनलाइन गेमिंग के इस पूरे इकोसिस्टम और छुपे हुए अन्य बैंक खातों का पता लगाया जा सके।

​वित्तीय रिकॉर्ड खंगालने में जुटे केंद्रीय जीएसटी के अधिकारी

​प्रारंभिक कड़ियों को जोड़ने पर यह बात सामने आई है कि इन तीनों फर्मों के जरिए देशव्यापी स्तर पर गेमिंग का बड़ा सट्टा या अवैध वित्तीय चक्र चलाया जा रहा था। इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स के जरिए हुए इस खेल में करोड़ों रुपए के टर्नओवर को टैक्स के दायरे से बाहर रखने की कोशिश की गई थी, जिसे केंद्रीय टीम ने समय रहते पकड़ लिया। फिलहाल पकड़े गए दस्तावेजों और संचालकों के बयानों का मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि आने वाले दिनों में जांच का दायरा बढ़ने के साथ ही इस कर अपवंचन की कुल राशि में और भी बड़ा इजाफा हो सकता है, जिससे कई अन्य चेहरे भी बेनकाब होंगे।

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