
जबलपुर। शहर के प्रतिष्ठित क्राइस्ट चर्च स्कूल में शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ 12 वर्षीय छात्र अमजद को कक्षा में पढ़ाई करने के बजाय स्कूल परिसर में घास काटने के लिए मजबूर किया गया। इसी दौरान घास में छिपे एक जहरीले सांप ने बच्चे को डस लिया। स्कूल प्रबंधन ने इस गंभीर लापरवाही को छिपाने की भरसक कोशिश की और परिजनों को सूचित करने के बजाय आनन-फानन में बच्चे को स्कूल यूनिफॉर्म में ही विक्टोरिया अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में भर्ती कराया। इस मामले में डॉक्टर एस.एस. दाहिया ने पुष्टि करते हुए बताया कि समय पर इलाज मिलने के कारण अब बच्चे की स्थिति सामान्य है। यह घटना स्कूल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।
स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से छात्र खतरे में
स्कूल परिसर में छात्रों से पढ़ाई के अतिरिक्त अन्य कार्य करवाना पूरी तरह से अनुचित है। जब 12 वर्षीय छात्र अमजद स्कूल के मैदान में घास साफ कर रहा था, तभी उसे सांप ने काटा। स्कूल प्रशासन ने जिम्मेदारी लेने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की। बच्चा स्कूल यूनिफॉर्म में ही अस्पताल पहुंचा, जिससे स्पष्ट होता है कि हादसा स्कूल समय के दौरान ही हुआ है। स्कूल स्टाफ की यह हरकत न केवल गैरकानूनी है, बल्कि मानवता के खिलाफ भी है। पीड़ित परिवार अब स्कूल प्रबंधन की इस अमानवीय कार्यशैली और घोर लापरवाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
अस्पताल में हालत स्थिर
विक्टोरिया अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड के प्रभारी डॉक्टर एस.एस. दाहिया ने बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी देते हुए कहा कि उसे सर्पदंश के बाद तुरंत भर्ती किया गया था। डॉक्टरों की टीम ने तत्परता दिखाते हुए इलाज शुरू किया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल बच्चे की हालत खतरे से बाहर है और वह स्वास्थ्य लाभ ले रहा है। हालांकि, स्कूल परिसर के भीतर सांप का होना और बच्चे से जोखिम भरा काम करवाना विद्यालय की सुरक्षा तैयारियों में बड़ी चूक को दर्शाता है। इस घटना ने शहर के अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्कूल प्रबंधन की चुप्पी और मामले को दबाने का प्रयास उनकी कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
