
जबलपुर । गुप्तेश्वर क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित शराब अहाते पर कार्रवाई करने गई आबकारी उप निरीक्षक सोनाली गुप्ता के साथ अभद्रता और शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है। वृत क्रमांक 3 जबलपुर में पदस्थ महिला अधिकारी 11 मई शाम 6 बजे अपने साथी आरक्षकों हनुमान प्रसाद बर्मन और अशोक सिंह के साथ निरीक्षण करने पहुंची थीं। इस दौरान शराब दुकान परिसर के बगल में बिना अनुमति के चल रहे अहाते को बंद कराकर जब उन्होंने ताला लगाया, तब शराब ठेकेदार मौसमी शिवहरे के प्रतिनिधि उमेश शुक्ला ने वहां पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। आरोपी ने न केवल महिला अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार किया, बल्कि उन पर रिश्वत लेकर शराब बिकवाने के झूठे और मनगढ़ंत आरोप भी लगाए। इस घटना के बाद गोरखपुर पुलिस ने सरकारी ड्यूटी में रुकावट डालने और अपमानित करने के आरोप में सेठीनगर निवासी आरोपी उमेश शुक्ला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 132 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिला आबकारी अधिकारी पर लगाए झूठे आरोप
निरीक्षण के दौरान आबकारी टीम ने पाया कि गुप्तेश्वर स्थित मदिरा दुकान के पास अवैध रूप से अहाता चलाया जा रहा था। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उप निरीक्षक सोनाली गुप्ता ने अहाते का शटर गिरवाकर वहां ताला लगवा दिया। इसी बीच लाइसेंसधारी मौसमी शिवहरे का प्रतिनिधि उमेश शुक्ला मौके पर पहुंचा। उसने कार्रवाई का विरोध करते हुए सार्वजनिक रूप से भीड़ के सामने महिला अधिकारी को अपमानित करना शुरू कर दिया। आरोपी ने आबकारी विभाग की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से उन पर लोगों से पैसे लेकर अवैध शराब बिकवाने का गंभीर और मनगढ़ंत आरोप लगाया।
आबकारी मंत्री की धमकी और पुलिस कार्रवाई
आरोपी उमेश शुक्ला ने कार्रवाई से नाराज होकर महिला अधिकारी को आबकारी मंत्री से शिकायत करने और नौकरी पर आंच आने की धमकी दी। उसने मौके पर मौजूद भारी भीड़ के सामने शासकीय कार्य में व्यवधान पैदा किया। घटना के बाद आबकारी उप निरीक्षक ने पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। गोरखपुर पुलिस ने शिकायत के आधार पर सेठीनगर निवासी आरोपी उमेश शुक्ला के विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने और लोक सेवक को अपमानित करने के संबंध में धारा 132 बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध किया है और मामले की विवेचना की जा रही है।
