जबलपुर की वायु सेवाओं के विस्तार के लिए जबलपुर संघर्ष समिति ने कसी कमर

जबलपुर। जबलपुर में हवाई सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जबलपुर संघर्ष समिति ने आज एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में मुख्य रूप से जबलपुर से मुंबई और बंगलुरू के लिए रोजाना विमान सेवा शुरू करने की मांग पर जोर दिया गया। समिति के संयोजक हिमांशु खरे ने बताया कि इस संबंध में इंडिगो एयरलाइंस के शीर्ष अधिकारियों के साथ वर्चुअल मीटिंग भी की गई, जिसमें मुंबई की फ्लाइट को पुराने एयरपोर्ट से संचालित करने और मॉनसून शेड्यूल में दैनिक उड़ानें शुरू करने पर चर्चा हुई। बैठक में बलदीप मैनी, डॉ सुधीर तिवारी, गीता शरत तिवारी, आई के खन्ना, प्रीति चौधरी, देवब्रत मिश्रा, पी एस राजपूत, मनु शरत तिवारी, पंकज माहेश्वरी, हिमांशु राय, अरुण पवार, डॉ अंजना तिवारी, अभिषेक जैन और लक्ष्मीकांत सेन जैसे गणमान्य सदस्य शामिल हुए। सभी सदस्यों ने एकमत होकर कहा कि महाकौशल क्षेत्र के औद्योगिक और पर्यटन विकास के लिए वायु संपर्क का सुदृढ़ीकरण अत्यंत अनिवार्य है।
प्रमुख शहरों से सीधा जुड़ाव है समय की मांग
बैठक में यह विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि जबलपुर को अन्य बड़े महानगरों के साथ जोड़ना अब आवश्यक हो गया है। समिति के सदस्यों का मानना है कि यदि जबलपुर से पुणे, अहमदाबाद, कोलकाता और चेन्नई के लिए सीधी उड़ानें शुरू होती हैं, तो इससे शिक्षा, चिकित्सा और व्यापार के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति होगी। सदस्यों ने सुझाव दिया कि इन महत्वपूर्ण शहरों के लिए नियमित उड़ानों की संभावनाओं को तलाशने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जाने चाहिए। यह कदम न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा बल्कि महाकौशल क्षेत्र की आर्थिक उन्नति को भी एक नई दिशा प्रदान करेगा। समिति का स्पष्ट मानना है कि मध्य भारत के प्रमुख केंद्र के रूप में जबलपुर को हवाई कनेक्टिविटी के मामले में अब और अधिक पीछे नहीं छोड़ा जा सकता है।
विमानन मंत्रालय के समक्ष रखी जाएगी ठोस मांग
समिति ने निर्णय लिया है कि वायु सेवाओं के विस्तार के लिए एयरलाइंस कंपनियों, नागरिक विमानन मंत्रालय और संबंधित प्राधिकरणों के साथ निरंतर पत्राचार और संवाद किया जाएगा। सदस्यों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जबलपुर की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। आने वाले समय में संघर्ष समिति अपनी मांगों को और अधिक प्रभावी ढंग से संबंधित अधिकारियों के सामने रखेगी ताकि समय रहते विमान सेवाओं में सुधार हो सके। बैठक में सभी सदस्यों ने एकजुट होकर इस बात पर सहमति जताई कि पूरे महाकौशल क्षेत्र के विकास के लिए बेहतर हवाई सेवाएं रीढ़ की हड्डी के समान हैं। इस आंदोलन को और व्यापक बनाने की योजना पर भी चर्चा की गई ताकि जबलपुर को देश के हवाई मानचित्र पर एक मजबूत स्थान मिल सके।
