लाड़ली बहना और किसान योजनाओं के सहारे चुनावी वैतरणी पार करने की तैयारी

जबलपुर। मध्य प्रदेश में आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर सत्ताधारी दल ने अभी से अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। भोपाल में पार्टी संगठन स्तर पर बैठकों का दौर तेज हो गया है, जिसमें प्रदेश से लेकर मंडल स्तर तक की चुनावी रणनीति तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे लाड़ली बहना योजना, किसान हितैषी फैसलों और ग्रामीण विकास कार्यों के सहारे ग्रामीण और शहरी वोट बैंक साधने की योजना है। पार्टी का मानना है कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मिली सफलता को स्थानीय निकाय चुनावों में भी दोहराया जा सकता है। इसके लिए सभी जिलों में प्रभारियों और सह-प्रभारियों को सक्रिय कर दिया गया है। नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद और पंचायत स्तर पर कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं।
जमीनी स्तर सीधे संवाद की रणनीति
पार्टी गांव-गांव और वार्ड-वार्ड तक पहुंचने के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी में है। इसके तहत केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से सीधा संपर्क स्थापित किया जाएगा। पार्टी संगठन का मानना है कि स्थानीय चुनावों में व्यक्तिगत संपर्क और स्थानीय मुद्दे सबसे ज्यादा प्रभाव डालते हैं, इसलिए छोटे स्तर पर मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान, महिला स्व-सहायता समूहों और हितग्राही वर्ग पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
पन्ना प्रमुखों की सक्रियता,बूथ प्रबंधन पर मुख्य फोकस
चुनावी रणनीति का सबसे बड़ा आधार बूथ मैनेजमेंट माना जा रहा है। पार्टी प्रत्येक बूथ पर सक्रिय कार्यकर्ता टीम तैयार कर रही है। पन्ना प्रमुखों को फिर से सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, ट्रैफिक और अधोसंरचना विकास के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी है ताकि हर वर्ग को साधा जा सके।
विधानसभा चुनाव से पहले संगठन की वास्तविक परीक्षा
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव संगठन की वास्तविक ताकत का परीक्षण होते हैं। इसी कारण पार्टी इन चुनावों को बेहद गंभीरता से ले रही है। प्रदेश स्तर पर लगातार समीक्षा बैठकें हो रही हैं और जिलों से फीडबैक लिया जा रहा है। उम्मीदवार चयन को लेकर भी पार्टी इस बार सतर्क नजर आ रही है। स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय और सक्रिय चेहरों को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है।
