
हरिद्वार। हरिद्वार से बांद्रा जा रही ट्रेन संख्या 19020 देहरादून एक्सप्रेस में सोमवार रात नाबालिग यात्री से छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। गंगापुर स्टेशन से ड्यूटी पर चढ़े थर्ड एसी कोच कंडक्टर देवेंद्र महावर पर शराब के नशे में एक किशोरी से दुर्व्यवहार करने का आरोप यात्रियों ने लगाया। घटना के बाद कोच में जोरदार हंगामा हुआ और यात्रियों ने आरोपी टीटीई को सीट पर ही बंधक बना लिया। लोगों का आरोप है कि गंगापुर में आरपीएफ को सूचना देने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद रेलवे पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई। मंगलवार सुबह करीब 4:30 बजे ट्रेन के कोटा पहुंचते ही सुरक्षा बल और साथी रेलकर्मियों ने आरोपी को यात्रियों के बीच से सुरक्षित निकाला।
यात्रियों ने चेन खींचकर बीच रास्ते रोकी ट्रेन
बदसलूकी की वारदात के बाद डिब्बे में मौजूद लोग बेहद उग्र हो गए और उन्होंने टीटीई पर हमला करने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ साथी कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर उसे आक्रोशित भीड़ से बचाने की कोशिश की। यात्रियों ने आपातकालीन चेन खींचकर गाड़ी को रोक दिया, जिसे बाद में सुरक्षा जवानों ने पहुंचकर ठीक किया। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में भीड़ टीटीई को घेरे खड़ी दिख रही है और उस पर कानूनी कार्रवाई की मांग कर रही है। फुटेज में देवेंद्र काफी असहज और असामान्य स्थिति में अपनी सीट पर बैठा नजर आ रहा है।
जांच में जुटी रेलवे और स्टाफ की सफाई
कोटा जंक्शन पहुंचने पर आरोपी का प्राथमिक श्वास परीक्षण कराया गया, जिसमें फिलहाल मदिरा सेवन की पुष्टि नहीं हुई है। अब सच्चाई की पुष्टि के लिए उसके रक्त के नमूने प्रयोगशाला जांच हेतु भेजे गए हैं। दूसरी तरफ टीटीई स्टाफ ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका दावा है कि एक महिला यात्री अनाधिकृत रूप से टीटीई की आरक्षित सीट पर बैठ गई थी। जब उससे सीट खाली करने का अनुरोध किया गया, तब उसने बचाव में झूठी कहानी गढ़कर विवाद खड़ा कर दिया। रेल प्रशासन दोनों पक्षों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की विभागीय जांच कर रहा है।
